चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में मचाई तबाही, अब दक्षिण भारत की ओर तूफान, तमिलनाडु के साथ कई राज्यों में अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 28, 2025, 12:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • दितवाह तूफ़ान ने श्रीलंका में अत्यधिक भारी बारिश से तबाही मचाई
  • 40 लोगों की मौत, 400 घर क्षतिग्रस्त और 1800 परिवारों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
  • तूफान अब कमजोर होकर दक्षिण तमिलनाडु, केरल और चेन्नई के करीब से गुजरेगा।
  • 29 नवंबर–2 दिसंबर तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका।

चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ (Ditwah) श्रीलंका के दक्षिणी तट को पार कर गया।जिससे पिछले 24 घंटों में द्वीपीय देश में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। त्रिंकोमाली बंदरगाह शहर में 261.5 मिमी और वावुनिया के हरे-भरे जंगलों में 358.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। बेहद भारी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन शुरू हो गए हैं। करीब 40 लोगों की मौत की खबर है और कई लोग लापता हैं। 400 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए, लगभग 1800 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। वहीं, मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए संसद की बैठक स्थगित कर दी गई है।

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तूफान की वर्तमान स्थिति और धीमी गति

तूफान इस समय लगभग 8.1°N और 81.1°E पर केंद्रित है, जो बट्टिकलोआ से 90 किमी उत्तर-पश्चिम और चेन्नई से 540 किमी दक्षिण में स्थित है। तूफान उत्तर की ओर बढ़ते हुए कल तट को पार कर चुका है। यह एक धीमी गति से चलने वाला तूफान है, जिसने पिछले 12 घंटों में केवल 7 किमी/घंटा की रफ़्तार से ही यात्रा की है। ‘दितवाह’ अब भी उत्तर-उत्तरी-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और कल सुबह तक श्रीलंका को पूरी तरह पीछे छोड़ देगा।

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पर्यावरणीय परिस्थितियों का मिला-जुला असर

तूफान जैसे-जैसे पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा, भूमि का प्रतिरोध (land friction) कम होता जाएगा। समुद्र का गर्म तापमान तूफान की तीव्रता को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन इसके विपरीत दक्षिणी दिशा से आने वाली तेज हवा (wind shear) काफी बढ़ रही है, जो ताकतवर परिस्थितियों को निष्प्रभावी कर देगी और तूफान की मुख्य संरचना को कमजोर करेगी। भूमि पर मौजूद इसका लो-लेवल सर्कुलेशन भी धीरे-धीरे धुंधला और कमजोर पड़ने की संभावना है। जैसे ही तूफ़ान जाफाना प्रायद्वीप को पार कर पाक स्ट्रेट से होते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा, यह अगले 36–48 घंटों में समुद्र पर ही कमजोर होने लगेगा।

कमजोर प्रणाली तमिलनाडु–आंध्र तट के बेहद करीब से गुज़रेगी

कमजोर पड़ चुकी यह प्रणाली मुख्य रूप से उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगी और दक्षिण तमिलनाडु के समुद्री तट के बहुत करीब रहेगी। 30 नवंबर की देर रात या 1 दिसंबर की सुबह यह कमजोर तूफ़ानी प्रणाली चेन्नई के बिल्कुल समानांतर (abeam) गुजरेगी और आगे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ जाएगी। 28 और 29 नवंबर को दक्षिण तमिलनाडु और केरल के आंतरिक क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 29 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच बारिश का यह तीव्र क्षेत्र उत्तर की ओर खिसककर उत्तर तटीय तमिलनाडु (चेन्नई समेत) और राज्य के भीतरी हिस्सों को कवर करेगा। इसके साथ ही भारी बारिश पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक पहुँच जाएगी। चेन्नई के पास से गुजरने के बाद यह प्रणाली डिप्रेशन में बदलेगी और आगे कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया बन जाएगी, आंध्र तट से सटे समुद्री क्षेत्र में। 29 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 के बीच तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को खराब मौसम से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखनी होगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अत्यधिक भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन हुए, 40 लोगों की जान गई और 400 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए।

दक्षिण तमिलनाडु, केरल, चेन्नई, पुडुचेरी, दक्षिण आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण कर्नाटक में भारी बारिश होगी।

अगले 36–48 घंटों में तूफ़ान डिप्रेशन में बदलकर कमजोर होगा और आंध्र तट के पास लो-प्रेशर क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है