बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा लो प्रेशर, अंडमान-निकोबार में मूसलाधार बारिश, मानसून की दस्तक के संकेत

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
May 13, 2026, 2:05 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अगले 48 घंटों में डिप्रेशन बन सकता है
  • अंडमान-निकोबार में 14 से 16 मई के बीच भारी बारिश का अलर्ट
  • 15 मई के आसपास अंडमान सागर में मानसून पहुंचने की संभावना
  • केरल और कर्नाटक में अभी प्री-मानसून जैसी स्थिति बनी हुई है

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए अब दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम जल्द ही और मजबूत होकर ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ बन सकता है। समुद्र की सतह का तापमान अनुकूल होने और पर्याप्त ऊष्मा ऊर्जा मिलने के कारण अगले 48 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए म्यांमार के अराकान तट की ओर जाएगा, जहां सप्ताहांत के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

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भारत के पूर्वी तट पर बड़ा खतरा नहीं

चूंकि यह सिस्टम भारत के पूर्वी तट से दूर जा रहा है, इसलिए मुख्य भूमि पर किसी बड़े तूफानी मौसम की संभावना नहीं है। हालांकि तमिलनाडु और केरल में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्री क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कई इलाकों जैसे नैनकौरी, कार निकोबार, पोर्ट ब्लेयर, हट बे और माया बंदर में पहले ही मध्यम बारिश दर्ज की जा चुकी है। 14 से 16 मई 2026 के बीच पूरे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बहुत भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।

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15 मई के आसपास अंडमान सागर में मानसून

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगमन की घोषणा के लिए कोई सख्त मानक तय नहीं हैं। लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने इस निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भूमध्य रेखा के पार से तेज हवाओं का प्रवाह मजबूत हो गया है, जो मानसून को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। इसके साथ ही क्षेत्र में व्यापक बारिश की गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इन परिस्थितियों को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के 15 मई 2026 के आसपास, एक दिन आगे-पीछे, अंडमान सागर में पहुंचने की संभावना है।

पिछले साल जैसा रहेगा पैटर्न, लेकिन केरल में मानसून अभी दूर

यह स्थिति पिछले वर्ष जैसी दिखाई दे रही है, जब मानसून 13 मई को दक्षिण अंडमान सागर में पहुंच गया था, जो सामान्य तारीख से लगभग एक सप्ताह पहले था। आमतौर पर अंडमान सागर से केरल पहुंचने में मानसून को लगभग 10 दिन लगते हैं, लेकिन यह कोई तय नियम नहीं माना जाता। फिलहाल अरब सागर और केरल-कर्नाटक क्षेत्र में अभी भी प्री-मानसून परिस्थितियां बनी हुई हैं। अरब सागर के मध्य और दक्षिणी हिस्सों पर निचले स्तरों में मजबूत रिज बनी हुई है, जिसे टूटना जरूरी है ताकि भूमध्य रेखा पार करने वाली हवाएं सक्रिय हो सकें। वर्तमान में केरल और कर्नाटक तट पर निचले स्तर की हवाएं उत्तर दिशा से चल रही हैं, जबकि मानसून के आगमन के लिए दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और मालदीव तक पहुंचना जरूरी होता है। पिछले साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था, जो सामान्य तारीख से लगभग एक सप्ताह पहले था, और उसने दक्षिण भारत के बड़े हिस्से को तेजी से कवर कर लिया था।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, सिस्टम पूर्वी तट से दूर म्यांमार की ओर बढ़ रहा है, इसलिए बड़े तूफानी असर की संभावना नहीं है।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्री इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 15 मई 2026 के आसपास अंडमान सागर में पहुंचने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है