गुजरात में प्री-मानसून आँधी-बारिश और ओले, 2 से 8 अप्रैल तक खराब मौसम के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- गुजरात में मार्च-अप्रैल में असामान्य मौसम गतिविधि देखने को मिलेगी
- 2 से 8 अप्रैल के बीच आंधी, बारिश और ओले संभव
- कई मौसम सिस्टम के मिलन से बढ़ेगा असर
- इस दौरान राज्य में लू चलने की संभावना नहीं है
आमतौर पर मार्च और अप्रैल में गुजरात में प्री-मानसून गतिविधियां नहीं होतीं। यह राज्य उत्तर भारत के वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और दक्षिण भारत के मौसम सिस्टम से दूर रहता है। हालांकि मार्च में कुछ अलग स्थिति देखने को मिली, जब सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अजीब मौसम हुआ। 19 मार्च को राजकोट में तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जो सामान्य से बिल्कुल अलग था। गुजरात आमतौर पर तेज गर्मी के लिए जाना जाता है और यहां मार्च-अप्रैल में आंधी-तूफान या धूल भरी आंधी कम ही होती है। लेकिन अब एक बार फिर राज्य में असामान्य मौसम की स्थिति बनने जा रही है।
कई मौसम सिस्टम के मिलन से बदलेगा मौसम
आने वाला मौसम उत्तर भारत के सिस्टम, अरब सागर की हलचल और दक्षिण भारत की हवाओं के मिलन का नतीजा होगा। एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और उससे जुड़ा चक्रवाती सिस्टम उत्तर भारत में सक्रिय है, वहीं 2 अप्रैल 2026 को एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पश्चिमी हिमालय पहुंचेगा। पश्चिम राजस्थान और उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण बन रहे हैं, जो साथ मिलकर असर डालेंगे। उत्तर से दक्षिण तक एक लंबा मौसम बेल्ट बनेगा, जिससे पूरे उत्तर भारत में एक साथ असर दिखेगा। ऊपरी हवा में बना गहरा ट्रफ इस प्रक्रिया को और तेज करेगा। साथ ही उत्तर मध्य महाराष्ट्र से कर्नाटक तक फैला ट्रफ, जो दक्षिण गुजरात और कोंकण से होकर गुजरता है, इस गतिविधि को और बढ़ाएगा। इन सभी कारणों से देश के बड़े हिस्से में तेज और खतरनाक मौसम गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
2 से 8 अप्रैल के बीच बढ़ेगा असर, ओलों की भी संभावना
गुजरात में कल से हल्की मौसम गतिविधि शुरू होगी। 2 से 4 अप्रैल के बीच दक्षिण और मध्य गुजरात तथा सौराष्ट्र के आसपास इसका असर बढ़ेगा। 5 से 8 अप्रैल के बीच उत्तर और मध्य गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में तेज आंधी-तूफान और बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं। पिछले अनुभव को देखते हुए कुछ जगहों पर फिर से ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस पूरे समय के दौरान राज्य में लू चलने की संभावना नहीं है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
यह भी पढ़ें: Maharashtra weather: पुणे में असामान्य ओलावृष्टि और आँधी, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की संभावना
यह भी पढ़ें: दिल्ली- एनसीआर में गर्मी के बाद मार्च के अंत में बारिश, अप्रैल में भी नहीं थमेगा बरसात का सिलसिला







