अंडमान सागर में समय से पहले मानसून आने के संकेत, बंगाल की खाड़ी के सक्रिय लो प्रेशर से बढ़ी बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर तमिलनाडु तट के पास सक्रिय।
- श्रीलंका और दक्षिण तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज।
- सिस्टम के डिप्रेशन बनने की संभावना, चक्रवात के आसार कम।
- 16 मई के आसपास अंडमान सागर में मानसून प्रवेश संभव।
श्रीलंका तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया है। यह सिस्टम फिलहाल तमिलनाडु तट के पास समुद्र के ऊपर स्थित है। इसके साथ मध्य वायुमंडलीय स्तर तक एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में यह सिस्टम थोड़ा और मजबूत हो सकता है। हालांकि इसके समुद्र के ऊपर ही बने रहने की संभावना है, इसलिए दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में किसी बड़े या खतरनाक मौसम की आशंका फिलहाल नहीं है।

सैटेलाइन इमेज: Himawari
डिप्रेशन बनने की संभावना, लेकिन चक्रवात बनने के आसार कम
अधिकांश मौसम मॉडल इस सिस्टम के ज्यादा मजबूत होने के संकेत नहीं दे रहे हैं। समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियाँ भी केवल सीमित रूप से अनुकूल हैं। ऐसे में यह सिस्टम अधिकतम एक डिप्रेशन का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए तट से दूर जाने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की संभावना काफी कम है। इसलिए फिलहाल बड़े तूफान जैसी स्थिति बनने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
तमिलनाडु और श्रीलंका में भारी बारिश
इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से दक्षिणी तटीय तमिलनाडु और उससे लगे आंतरिक इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान श्रीलंका में इस सिस्टम ने बहुत भारी बारिश कराई है। तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय इलाकों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जैसे-जैसे यह सिस्टम उत्तर की ओर बढ़ेगा, तमिलनाडु में बारिश और मौसम गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
अंडमान सागर में जल्द दस्तक दे सकता है मानसून
यह मौसम प्रणाली आगे चलकर बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों की ओर बढ़ सकती है। इसके साथ ही भूमध्य रेखा के पार से आने वाली नमी वाली हवाएं मजबूत होंगी। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के बड़े हिस्से को प्रभावित करेंगी।
मौसम संकेत बता रहे हैं कि 16 मई 2026 के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, दक्षिण अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून की शुरुआत हो सकती है। इसमें एक दिन आगे-पीछे का अंतर संभव है।
हालांकि भारतीय मुख्य भूमि, खासकर केरल तट और अरब सागर क्षेत्र में मानसून के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। अगले एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक वहां मानसून के लिए जरूरी परिस्थितियाँ बनने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
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