दिल्ली-एनसीआर में वीकेड पर भीषण गर्मी, तापमान 40°C जाने के आसार, जानें अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
May 14, 2026, 1:15 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली में तेज हवाओं की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंची
  • खराब मौसम से 500 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हुईं
  • शाम के समय फिर गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना
  • अगले सप्ताह तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है

दिल्ली और आसपास के इलाकों में कल मौसम ने कई बार करवट बदली। सुबह हल्की बारिश और तेज हवाओं से राहत मिली, लेकिन दोपहर तक तेज धूप और बढ़ती उमस ने गर्मी को फिर बढ़ा दिया। इसके बाद शाम को अचानक आए ओलावृष्टि, गरज-चमक और 100 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं ने पूरे दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थाम दी। कल सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए रही। बारिश रुकने के बाद दोपहर में तेज धूप निकल आई और हवा में नमी बढ़ गई। उमस और तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ा और दिल्ली का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान रहा।

शाम को अचानक बदला मौसम, ओलावृष्टि और तूफान से हालात बिगड़े

शाम होते-होते मौसम ने फिर अचानक करवट ली। दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। तेज हवाओं की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसका सबसे ज्यादा असर पालम एयरपोर्ट पर देखने को मिला। खराब मौसम के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हो गईं। अचानक बदले मौसम की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। 500 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। करीब 15 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। जबकि 6 विमानों को खराब मौसम के कारण “गो-अराउंड” करना पड़ा, यानी लैंडिंग से ठीक पहले विमान को दोबारा उड़ान भरनी पड़ी। इसके अलावा तेज हवाओं और बारिश की वजह से कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई।

दिल्ली के आसपास अब भी बना हुआ है प्री-मानसून मौसम पैटर्न

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियों वाला मौसम पैटर्न बना हुआ है। इस समय दो छोटे चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। पहला सिस्टम उत्तर राजस्थान और पंजाब के ऊपर बना हुआ है। दूसरा सिस्टम दक्षिण-पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित है। इन दोनों सिस्टम को जोड़ने वाली पूर्व-पश्चिम ट्रफ दिल्ली के बेहद करीब से गुजर रही है। इस ट्रफ में छोटे स्तर की अस्थिरताएं यानी माइक्रो स्केल वेदर बबल्स भी बने हुए हैं, जो अचानक मौसम बदलने की स्थिति पैदा कर रहे हैं।

आज भी शाम के समय बदल सकता है मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज भी दिल्ली-एनसीआर में इसी तरह का मौसम पैटर्न बना रह सकता है। हालांकि, मौसम गतिविधियाँ कल की तुलना में हल्की और कम समय के लिए हो सकती हैं। दिन के समय हल्की सतही हवाएं और तेज धूप के कारण गर्मी और उमस बढ़ेगी। आज तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिसमें एक डिग्री ऊपर या नीचे का अंतर संभव है। देर शाम के दौरान ऊंचे और संवहनीय बादल बनने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में दूर कहीं गरज की आवाज, बिजली चमकना और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि ये गतिविधियां सीमित क्षेत्रों और कम समय के लिए रहने की संभावना है।

शनिवार से मौसम होगा शांत, लेकिन बढ़ेगी गर्मी

शनिवार से मौसम शांत होने की संभावना है। अगले सप्ताह आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। लेकिन इसके साथ ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी। आने वाले दिनों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज सतही हवाओं के साथ गर्म और शुष्क परिस्थितियां “लू” जैसे हालात पैदा कर सकती हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के कारण प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गईं, जिससे अचानक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई।

हां, शाम के समय दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

शनिवार के बाद मौसम साफ होने लगेगा और अगले सप्ताह तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है