Extreme Heatwave: देश के कई हिस्सों में भीषण लू का कहर, कई राज्यों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति, बारिश के संकेत नहीं

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
May 20, 2026, 2:00 PM
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पूरे देश में हीटवेव, सांकेतिक फोटो

मुख्य मौसम बिंदु

  • 18 से 24 मई को सीजन का सबसे गर्म सप्ताह माना जा रहा है।
  • बाड़मेर और बांदा में तापमान 48°C के पार पहुंच चुका है।
  • दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और विदर्भ में भीषण लू जारी है।
  • अरब सागर में नया सिस्टम मानसून और गर्मी दोनों को प्रभावित कर सकता है।

पिछले 2 से 3 दिनों में देशभर में लू की तीव्रता और इसका दायरा कई गुना बढ़ गया है। कई नए इलाके ऐसे सामने आए हैं जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो हीटवेव की आधिकारिक सीमा मानी जाती है। कुछ क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ा है और वहां भीषण लू की स्थिति बन गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 24 मई के बीच का सप्ताह इस सीजन का सबसे ज्यादा गर्म दौर साबित हो सकता है।

पहाड़ों पर मौसम गतिविधियों की कमी और उत्तर-पश्चिम भारत के पसंदीदा इलाकों में प्री-मानसून आँधी और धूलभरी हवाओं का रुक जाना तापमान बढ़ने की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम सिस्टम और हवाओं का पैटर्न भी गर्मी कम करने के अनुकूल नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम भारतीय क्षेत्र से तेजी से बाहर निकल गया, जबकि अरब सागर के मध्य भाग में हाई प्रेशर का क्षेत्र बना हुआ है, जो भूमध्यरेखीय हवाओं को आगे बढ़ने से रोक रहा है।

hottest region may 20

Representational Image: AI-Skymet

अरब सागर में नया सिस्टम बढ़ा सकता है गर्मी और मानसून पर असर

ताजा संकेतों के अनुसार अरब सागर के दक्षिण और पश्चिम-मध्य हिस्सों में एक नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए अगले 36 घंटे महत्वपूर्ण होंगे। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह सिस्टम बनता है, तो फिलहाल यह राहत देने के बजाय मौसम पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

यह सिस्टम मानसून की शुरुआत के समय के बेहद करीब बन रहा है और इसके सोमालिया तथा यमन तट की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे मानसूनी हवाएं भी उसी दिशा में खिंच सकती हैं। ऐसी स्थिति में मानसून की सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा और देश के मैदानी इलाकों में हीटवेव का दौर लंबा खिंच सकता है।

राजस्थान से दिल्ली तक भीषण गर्मी, कई शहरों में 48°C के पार पहुंचा पारा

इस समय राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, विदर्भ और तेलंगाना सबसे ज्यादा भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इस सीजन में राजस्थान के बाड़मेर और उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के रतलाम, राजस्थान के फलोदी और चूरू, विदर्भ के अमरावती और अकोला, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और वाराणसी तथा दिल्ली भी सबसे गर्म शहरों में शामिल हैं। स्काईमेट के अनुसार पश्चिम, उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान अगले कुछ दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना रह सकता है, जिससे लू का असर लगातार जारी रहेगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर बना रह सकता है।

अरब सागर में बन रहा नया सिस्टम मानसूनी हवाओं को प्रभावित कर सकता है, जिससे मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है