विपरीत मौसम का मंजर: ऑस्ट्रेलिया में भीषण गर्मी की लहर, यूरोप में बर्फीले तूफान गोरेटी ने मचाई तबाही
मुख्य मौसम बिंदु
- ऑस्ट्रेलिया में तापमान 49–50°C के करीब पहुंचा
- ऑनस्लो एयरपोर्ट एक दिन के लिए दुनिया की सबसे गर्म जगह बना
- ब्रिटेन व यूरोप में तूफान गोरट्टी से भारी बर्फबारी
- उड़ानें, रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित
ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में भीषण हीट वेव ने दस्तक दी है। साल की भीषण लू गर्मी की लहर दूसरे दिन में प्रवेश कर चुकी है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया, विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स के उत्तरी हिस्सों में तापमान 47°C तक पहुंचने का अनुमान है और सप्ताहांत तक गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में चल रही हीट वेव ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां कुछ इलाकों में तापमान 50°C के करीब पहुंच गया। वहीं, राज्य के उत्तरी तट पर स्थित ऑनस्लो एयरपोर्ट पर 7 जनवरी को पारा 49°C तक पहुंच गया। भले ही यह ऑस्ट्रेलिया या राज्य का अब तक का सबसे अधिक तापमान नहीं था, लेकिन उस दिन ऑनस्लो एयरपोर्ट दुनिया की सबसे गर्म जगह बन गया। रिकॉर्ड के लिए बता दें कि उसी दिन रूस के साखा क्षेत्र में तापमान -53.5°C दर्ज किया गया, यानी ऑनस्लो वहां से 102.5°C ज्यादा गर्म रहा। ऑस्ट्रेलिया के सभी राज्यों और क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में तापमान 43°C से ऊपर चला गया। वहीं मेलबर्न में 2020 के बाद का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया।

ऑस्ट्रेलिया तप रहा है
ब्रिटेन में तूफान गोरट्टी का कहर
यूनाइटेड किंगडम (UK) में तूफान गोरट्टी पूरी ताकत के साथ पहुंचा। तेज़ हवाओं और भारी बर्फबारी को देखते हुए रेड वार्निंग जारी की गई। भारी बारिश, तेज झोंकेदार हवाएं और बर्फबारी ने देश के अधिकांश हिस्सों को प्रभावित किया। पूरे उत्तरी यूरोप में भी बर्फबारी देखी गई, जिससे हवाई अड्डों के रनवे बंद करने पड़े और फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हुए। नीदरलैंड्स में रेल और सड़क नेटवर्क बर्फ और खराब मौसम की चपेट में आ गया।

यह तस्वीर तूफान गोरेटी की है। इसे 8 जनवरी को मेटियोसैट-12 भूस्थिर मौसम उपग्रह द्वारा खींचा गया था।
यूरोप में शीत लहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
तूफान का असर फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, फिनलैंड और वेल्स तक देखने को मिला, जहां बर्फीले तूफान और जमा देने वाली ठंड ने हालात बिगाड़ दिए। ब्रिटेन के उत्तरी हिस्सों में तापमान गिरकर 9.5°F (-12.5°C) तक पहुंच गया, जिससे रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब मौसम के चलते सैकड़ों स्कूल बंद करने पड़े। इसी दौरान बाल्कन देशों में भी भारी बर्फबारी और लगातार बारिश से नदियाँ उफान पर आ गईं, जगह-जगह ट्रैफिक जाम और बिजली व पानी की आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि, शनिवार 10 जनवरी और रविवार 11 जनवरी से मौसम में सुधार की उम्मीद है।
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