Winter 2026: उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी खत्म, फरवरी में हल्की ठंड लेकिन छाएगा घना कोहरा
मुख्य मौसम बिंदु
- जनवरी उत्तर भारत का सबसे ठंडा महीना माना जाता है
- इस बार जनवरी 2026 में भीषण सर्दी दूसरे–तीसरे हफ्ते में रही
- फरवरी में बारिश की संभावना कमजोर, मौसमी कमी बढ़ सकती है
- कोहरा जारी रहेगा, लेकिन जनवरी जैसी ठंड की वापसी नहीं
उत्तर भारत में जनवरी को पहाड़ों और मैदानी इलाकों दोनों के लिए सबसे ठंडा महीना माना जाता है, जबकि फरवरी सर्दियों का सबसे ज्यादा बारिश और बर्फबारी वाला महीना होता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सर्दियों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश और बर्फबारी फरवरी में ही दर्ज होती है। इसके बावजूद, आमतौर पर कड़ाके की ठंड जनवरी के अंत तक खत्म हो जाती है या अधिकतम फरवरी की शुरुआत तक ही रहती है। कश्मीर में सर्दियों का सबसे कठोर दौर ‘चिल्लई कलां’ 31 जनवरी को समाप्त हो जाता है। इसके बाद कभी-कभार ठंड के हल्का असर दिख सकता है, लेकिन फरवरी के पहले हफ्ते से हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगते हैं।
जनवरी 2026 में सर्दी का चरम, लेकिन शून्य से नीचे तापमान नहीं
इस बार जनवरी के दूसरे और तीसरे हफ्ते में सर्दी अपने चरम पर रही। मैदानी इलाकों में कुछ स्थान ऐसे होते हैं जहां तापमान के शून्य डिग्री तक पहुंचने की संभावना रहती है, लेकिन इस बार कोई भी स्टेशन 0°C से नीचे नहीं गया। हालांकि, कुछ जगहों पर एक-दो दिन तापमान 1°C या उससे कम दर्ज किया गया। जनवरी के मध्य में दर्ज न्यूनतम तापमान में सीकर (0.5°), चूरू (1.3°), हिसार (0.2°) और अमृतसर (1.1°) शामिल रहे। पंजाब के एसबीएस नगर जिले के बल्लोवाल सौंखरी स्थित पीएयू कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में 13 जनवरी 2026 को तापमान 0°C दर्ज हुआ, जो अपवाद रहा। वहीं, दिल्ली में 15 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 2.9°C रिकॉर्ड किया गया।
बारिश की कमी, लेकिन जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड की वापसी नहीं
जलवायु के लिहाज से फरवरी में पश्चिमी विक्षोभों की संख्या सबसे अधिक होती है, हालांकि इनसे जुड़ी मौसम गतिविधियों की अवधि कम हो जाती है। पिछले साल जनवरी में पूरे देश में 71% बारिश की कमी दर्ज हुई थी और फरवरी 2025 भी 30% बारिश की कमी के साथ लगभग सर्दियों का सूखा साबित हुई। इस साल हालात उतने खराब नहीं हैं, लेकिन फिर भी जनवरी 2026 में 31% बारिश की कमी रही है। फरवरी का पहला आधा हिस्सा भी बारिश या बर्फबारी के लिहाज से खास राहत देता नहीं दिख रहा, जिससे मौसमी कमी और बढ़ सकती है। जैसे-जैसे यह कमी बढ़ती है, बाद में इसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाता है। इस महीने घना कोहरा जारी रह सकता है, लेकिन न्यूनतम तापमान जनवरी 2026 के रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना नहीं है। कुल मिलाकर, भीषण सर्दी का दौर अब खत्म हो चुका है और जनवरी जैसी ठंड के दोबारा लौटने के आसार नहीं हैं।







