एमपी-राजस्थान में बेमौसम आँधी और बारिश, ओलावृष्टि की संभावना, इन जिलों में ज्यादा खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 2, 2026, 2:15 PM
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मध्य भारत में बेमौसम ओलों और आँधी का खतरा, फोटो: AI-Skymet

मुख्य मौसम बिंदु

  • दो हफ्तों में दूसरी बार ओलावृष्टि से फसल को नुकसान
  • उत्तर व पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन खराब मौसम
  • दक्षिण-पूर्वी राजस्थान भी प्रभावित होने की आशंका
  • 5 से 8 फरवरी के बीच मौसम में सुधार संभव

पिछले करीब दो हफ्तों में राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दो बार बेमौसम ओलावृष्टि हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रतलाम, नीमच, मंदसौर और राजस्थान से सटे जिले शामिल रहे। अब एक बार फिर उत्तर और पश्चिम मध्य प्रदेश तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अगले तीन दिनों तक खराब मौसम के आसार बन रहे हैं, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं के टकराव से बिगड़ा मौसम

इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ(Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से गुजर रहा है। इसके साथ ही मध्य राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण(induced cyclonic circulation) बना हुआ है। इस बदलाव से मौसमी प्रतिचक्रवात (anticyclone) राजस्थान से खिसककर मध्य प्रदेश की ओर चला गया है। प्रतिचक्रवात(anticyclone) से आने वाली मुड़ी हुई हवाएं और चक्रवाती परिसंचरण(cyclonic circulation) की हवाएं राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा पर टकरा रही हैं। इसी टकराव से तेज आँधी, गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो रही है। पहले रतलाम और मंदसौर सबसे ज्यादा प्रभावित थे, जबकि अब नीमच खराब मौसम का केंद्र बन गया है।

किन इलाकों में रहेगा ज्यादा खतरा, कब मिलेगी राहत

यह मौसम प्रणाली बहुत बड़े क्षेत्र में नहीं फैली है, लेकिन उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के सीमावर्ती इलाके इसके मुख्य प्रभाव क्षेत्र में रहेंगे। यह मौसम पट्टी धीरे-धीरे पूर्व की ओर खिसकेगी, जिससे पश्चिमी हिस्सों में हालात सुधरेंगे और उत्तर मध्य प्रदेश के अन्य इलाके भी इसकी चपेट में आएंगे। 2 से 4 फरवरी 2026 के बीच कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, रतलाम, नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और दतिया में आँधी, ओले और तेज हवाओं का खतरा है। इसके अलावा टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा और सतना भी प्रभावित हो सकते हैं। 5 से 8 फरवरी के बीच मौसम में सुधार की उम्मीद है, हालांकि 9 फरवरी के बाद फिर से मौसम बिगड़ने के संकेत नजर आ रहे हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

रतलाम, नीमच, मंदसौर, कोटा, ग्वालियर, गुना और आसपास के जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा है।

2 से 4 फरवरी के बीच तेज गतिविधि रहने की संभावना है।

5 से 8 फरवरी के बीच मौसम साफ होने की उम्मीद है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है