गुजरात के राजकोट में बेमौसम आफत, भारी ओलावृष्टि से बड़े इलाके में तबाही

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 21, 2026, 9:00 AM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • कई मौसम प्रणालियों के टकराव से असामान्य मौसम बना
  • उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि
  • गुजरात में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, खासकर राजकोट में
  • सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ा, नया सिस्टम जल्द सक्रिय हो सकता है

उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों में एक असामान्य मौसम पैटर्न देखने को मिला। इसका असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आसपास के क्षेत्रों में भी फैल गया। इस अनोखी स्थिति के कारण तेज बारिश, भीषण गरज-चमक, तेज आँधी और ओलावृष्टि हुई। साल के इस समय इतने बड़े क्षेत्र में ऐसी गतिविधि सामान्य नहीं मानी जाती। मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम में आए इस बदलाव ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में पहले से बनी गर्मी को पूरी तरह खत्म कर दिया।

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कई मौसम प्रणालियों के टकराव से बनी स्थिति

इस स्थिति के पीछे कई मौसम प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना रहा है। उत्तरी, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत में लंबी बादलों और बारिश की पट्टी बनी। यह एक एक्स्ट्रा-ट्रॉपिकल सिस्टम और ट्रॉपिकल क्षेत्र के मेसो-स्केल सिस्टम के बीच इंटरैक्शन का परिणाम था। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था, जबकि इसका प्रभावी चक्रवात राजस्थान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में था।

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नमी, ट्रफ और ऊपरी स्तर की गतिविधियों का असर

गुजरात तट के पास उत्तर-पूर्व अरब सागर में बने एंटी-साइक्लोन ने जमीन के अंदर तक नमी पहुंचाई। इसके साथ ही 9 से 12 किमी ऊंचाई पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गहरी ट्रफ बनी हुई थी, जिसने ऊपरी स्तर पर हवा का फैलाव (डाइवर्जेंस) बढ़ाया। इन सभी कारकों ने मिलकर मौसम गतिविधियों की तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ा दिया।

गुजरात में रिकॉर्ड तोड़ बारिश और खराब मौसम

गुजरात के कई हिस्सों में खराब मौसम देखने को मिला। राजकोट में तेज गरज-चमक, मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और भारी ओलावृष्टि हुई। आमतौर पर मार्च में यहां सिर्फ 0.1 मिमी बारिश होती है और पिछले 15 सालों में 12 साल तो बिल्कुल बारिश नहीं हुई। लेकिन इस बार एक ही दिन में 38 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बन गया। राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र राजकोट, द्वारका, भावनगर, भुज, नलिया, डीसा और अहमदाबाद में मध्यम से तेज बारिश हुई। गाँधीनगर और अहमदाबाद में 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलीं।

उड़ानों पर असर और आगे का पूर्वानुमान

गुजरात से लेकर कश्मीर-लद्दाख तक ऊपरी वायुमंडल में तेज हलचल रही, जिससे 25,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर विमान उड़ानें प्रभावित हुईं। खासकर दिल्ली-अहमदाबाद रूट पर यात्रियों को तेज झटके महसूस हुए और क्रू को सर्विस देने में भी मुश्किल आई। अब मौसम प्रणालियां पूर्व की ओर खिसक गई हैं और हालात फिलहाल सामान्य हो गए हैं। हालांकि, इसी तरह का एक नया सिस्टम मध्य-पूर्व क्षेत्र में बना है, जो अगले 2-3 दिनों में भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर बढ़ सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

कई मौसम प्रणालियों के आपसी टकराव के कारण यह स्थिति बनी।

गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा असर हुआ।

फिलहाल मौसम में सुधार है, लेकिन 2-3 दिनों में नया सिस्टम फिर असर डाल सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है