बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 7, 2026, 3:48 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • पूर्वोत्तर मानसून 31 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है
  • बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब दक्षिण भारत में बारिश बढ़ाएगा
  • 9–11 जनवरी के बीच दक्षिण तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका
  • समुद्र की स्थिति खराब, मछली पकड़ने पर असर संभव

दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) का आधिकारिक समापन 31 दिसंबर 2025 को हो चुका है। आमतौर पर मानसून के अंतिम चरण में इसकी सक्रियता कमजोर पड़ जाती है और इस बार भी ऐसा ही हुआ। मानसून के जाते ही भारतीय समुद्री क्षेत्रों में मौसम प्रणालियाँ बहुत कम बनती हैं। हालांकि, कभी-कभी कुछ अपवाद देखने को मिलते हैं और इस समय भी ऐसा ही एक अपवाद सामने आ रहा है, जिससे दक्षिण भारत के अत्यंत दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

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बंगाल की खाड़ी में अवदाब, ITCZ की अहम भूमिका

लगातार बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक अवदाब (Depression) बन गया है। जनवरी में अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) भूमध्य रेखा के दक्षिण की ओर खिसक जाता है, जिससे मौसम प्रणालियाँ अधिकतर भूमध्यरेखीय क्षेत्र तक ही सीमित रहती हैं, यानी लगभग 5 डिग्री उत्तर और दक्षिण अक्षांश के बीच। कोरिऑलिस बल की कमी के कारण ये सिस्टम आमतौर पर ज्यादा मजबूत नहीं हो पाते, लेकिन इस समय बेमौसम और छिटपुट बारिश, कभी-कभी भारी, होना असामान्य नहीं है।

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन

श्रीलंका और दक्षिण तमिलनाडु पर भारी बारिश का खतरा

यह अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में श्रीलंका और दक्षिण तमिलनाडु तट के करीब पहुंच जाएगा। इसके और मजबूत होने की संभावना कम है, लेकिन यह इतना प्रभावी रहेगा कि श्रीलंका के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस सिस्टम से जुड़ी ट्रफ का उत्तर की ओर विस्तार मन्नार की खाड़ी, पाक जलडमरूमध्य, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण तमिलनाडु तक बारिश को फैलाएगा।

9 से 11 जनवरी के बीच तेज बारिश, समुद्र में भारी उथल-पुथल

अवदाब का बाहरी प्रभाव कल देर रात से दक्षिणी तटीय तमिलनाडु में दिखना शुरू हो जाएगा। 9 से 11 जनवरी 2026 के बीच बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। पंबन, टोंडी, तूतीकोरिन (थूथुकुडी), नागरकोइल, कन्याकुमारी और आसपास के इलाके अधिक जोखिम में रहेंगे। तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में मध्यम बारिश, जबकि केरल के कुछ भागों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की संभावना है, जिससे मछली पकड़ने और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा। तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, 12 जनवरी से मौसम में सुधार होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दक्षिण तमिलनाडु, कन्याकुमारी, नागरकोइल, पंबन और श्रीलंका के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश संभव है।

नहीं, इसके ज्यादा मजबूत होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह भारी बारिश कराने में सक्षम है।

12 जनवरी से दक्षिण भारत में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है