28 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव, पंजाब-हरियाणा-राजस्थान में गरज-चमक और बारिश, फसलों पर खतरा

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Mar 27, 2026, 5:00 PM
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बारिश से फसलों का खतरा, फोटो- AI

मुख्य मौसम बिंदु

  • 28 मार्च की रात से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक।
  • 30-31 मार्च तक बारिश का विस्तार उत्तर मध्य प्रदेश और केंद्रीय उत्तर प्रदेश तक।
  • तेज हवाएं और असमय बारिश खड़ी फसलों के लिए खतरा।
  • बारिश से तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत और मौसम का संतुलन।

फरवरी और मार्च के पहले हिस्से में मौसम काफी शुष्क रहा, लेकिन अब उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं देखी गई हैं। इस मौसम ने तापमान को काफी कम कर दिया है और गर्मी की लहर को दिया है।

किसानों के लिए चिंता का कारण

हालांकि बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम चिंता का विषय बन गया है। खड़ी फसलें तेज हवाओं, ओलों और बीच-बीच में होने वाली बारिश से नुकसान का सामना कर सकती हैं। इस वजह से फसलों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।

नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा मौसम

एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है। यह मौसम प्रणाली 28 मार्च की रात से मौसम पर असर डालना शुरू कर देगी। इसके प्रभाव से न केवल उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बल्कि मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम प्रभावित होगा। 28 मार्च की रात से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के उत्तर और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक शुरू हो सकती है। 29 मार्च तक बारिश की तीव्रता और फैलाव बढ़ने की संभावना है, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम सक्रिय होगा।

बारिश का विस्तार और किसानों पर प्रभाव

इसके बाद बारिश की पट्टी धीरे-धीरे पूर्व और दक्षिण की ओर बढ़ेगी, और 30-31 मार्च तक यह उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों तक पहुंचेगी। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना रहेगी। यह बारिश का दौर 1 या 2 अप्रैल तक जारी रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में छोटे ब्रेक हो सकते हैं। कुल मिलाकर, इस मौसम की गतिविधियों से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी की तीव्रता कम होगी। लेकिन किसानों के लिए फसलों पर असर अनदेखा नहीं किया जा सकता। तेज हवाएं, बिजली और असमय बारिश खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे यह अवधि उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी। कुल मिलाकर उत्तर-पश्चिम भारत में लंबे समय के बाद बारिश से मौसम में राहत मिलेगी, लेकिन इससे कृषि और फसल सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

28 मार्च की रात से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है।

तेज हवाएं, गरज-चमक और असमय बारिश खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

1 और 2 अप्रैल तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, बीच-बीच में छोटे ब्रेक हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है