केरल में फिर सक्रिय हुआ मानसून, वीकेंड तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में मूसलाधार वर्षा के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 18, 2026, 3:45 PM
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केरल में भारी बारिश का अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • केरल में 18 से 21 जून के बीच भारी बारिश की संभावना।
  • 1 से 17 जून के बीच वर्षा सामान्य रही, लेकिन 13% की कमी दर्ज।
  • अलाप्पुझा, कोच्चि, त्रिशूर सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा।
  • पूर्वानुमान वैधता: 18 जून से 21 जून 2026, जबकि प्रभाव अगले सप्ताह के मध्य तक जारी रह सकता है।

जून महीने में अब तक केवल केरल, रायलसीमा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक ऐसे मौसम उपखंड हैं जहां मौसमी वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है। मानसून की शुरुआत के समय केरल में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई थी। महीने के पहले 10 दिनों के दौरान राज्य में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई थी। हालांकि बाद के दिनों में बारिश की तीव्रता और क्षेत्रीय फैलाव कम हो गया, जिसके कारण यह अतिरिक्त वर्षा धीरे-धीरे समाप्त हो गई। 1 जून से 17 जून के बीच के आंकड़ों के अनुसार केरल की कुल वर्षा अब सामान्य श्रेणी में है, लेकिन फिर भी लगभग 13 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। राहत की बात यह है कि 18 से 21 जून 2026 के बीच राज्य में एक और अच्छी बारिश का दौर आने वाला है। जून और जुलाई मानसून के दौरान केरल के सबसे अधिक वर्षा वाले महीने होते हैं और इन दोनों महीनों में औसतन लगभग 650 मिमी बारिश दर्ज की जाती है।

मौसम प्रणालियां बनीं सक्रिय, अरब सागर से मिल रही नमी

केरल और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अत्यंत दक्षिणी भागों पर 10,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई के बीच मध्य क्षोभमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिणी प्रायद्वीप के भीतरी भागों में तेलंगाना से लेकर कन्याकुमारी क्षेत्र तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है, जो कर्नाटक, रायलसीमा और केरल से होकर गुजर रही है। अरब सागर से आने वाली नम हवाएं इस ट्रफ की ओर अभिसरित हो रही हैं। नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता के इस संयोजन से संवहनीय गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे बादल बनने और तेज बारिश की स्थितियां अनुकूल हो गई हैं।

अलाप्पुझा से कासरगोड तक भारी बारिश का खतरा

18 से 21 जून के बीच पूरे केरल में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। राज्य के उत्तरी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर अधिक भारी वर्षा हो सकती है। अलाप्पुझा, कोच्चि, त्रिशूर, वायनाड, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के बीच का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रह सकता है, जहां भारी बारिश की आशंका है। इस बारिश के दौर से राज्य में चल रही मौसमी वर्षा की कमी काफी हद तक कम हो सकती है। बारिश का यह प्रभाव 21 जून के बाद भी पूरी तरह समाप्त नहीं होगा और अगले सप्ताह के मध्य तक इसके अवशेष प्रभाव बने रहने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

18 से 21 जून के बीच व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि इसका असर अगले सप्ताह के मध्य तक बना रह सकता है।

अलाप्पुझा, कोच्चि, त्रिशूर, वायनाड, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में भारी बारिश का खतरा अधिक है।

केरल में मौजूद लगभग 13 प्रतिशत वर्षा कमी इस बारिश के दौर से आंशिक रूप से या काफी हद तक कम हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है