उत्तर भारत में सक्रिय प्री-मानसून, इन क्षेत्रों में 10 दिन लू की संभावना नहीं, जानें पूरा मौसम का हाल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 3, 2026, 3:00 PM
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मौसम अपडेट 2026, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं।
  • कई राज्यों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंचा, लेकिन लू नहीं चली।
  • उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण आँधी, बारिश।
  • अगले 10 दिनों तक लू की स्थिति बनने की संभावना बहुत कम है।

देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियाँ जोर पकड़ चुकी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बिखरी हुई से लेकर व्यापक वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियाँ दर्ज की गईं। इन मौसमीय गतिविधियों के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान नियंत्रण में रहा। हालांकि गुजरात, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँचा, लेकिन कहीं भी लू जैसी स्थिति नहीं बनी। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कम बना रहा। देश का सबसे अधिक तापमान तेलंगाना के खम्मम में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक था, लेकिन यह भी लू की श्रेणी में नहीं आता।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी नहीं

उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर सीमित रहा। केवल कुछ स्थानों पर ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों जैसे जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर और श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, लेकिन यह भी सामान्य से कम था। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश मैदानी इलाकों में तापमान मध्य और उच्च 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। मौसम की इन परिस्थितियों के चलते देश के किसी भी हिस्से में लू की स्थिति दर्ज नहीं की गई।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से जारी रहेगी आँधी-बारिश

उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बने उसके सहयोगी चक्रवाती परिसंचरण के कारण इस पूरे सप्ताह उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में धूल भरी आँधी, गरज-चमक, बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चूंकि यह मौसमीय गतिविधियाँ मुख्य रूप से दिन के दूसरे हिस्से यानी दोपहर बाद और शाम के समय होने की संभावना है, इसलिए दिन का तापमान मध्य 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ एक स्थानों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले लगभग 10 दिनों या उससे भी अधिक समय तक पूरे उत्तर भारत में लू का प्रकोप नहीं दिखेगा और गर्मी नियंत्रित बनी रहेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, फिलहाल देश के किसी भी हिस्से में लू की स्थिति नहीं बनी है, भले ही कुछ स्थानों पर तापमान 40°C से ऊपर पहुंचा हो।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में आंधी, गरज-चमक, बारिश और तेज हवाएं जारी रह सकती हैं।

कुछ स्थानों पर तापमान 40°C के आसपास पहुंच सकता है, लेकिन व्यापक स्तर पर लू चलने की संभावना नहीं है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है