पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट, UP से बिहार तक बरसेंगे बादल, तापमान में गिरावट
मुख्य मौसम बिंदु
- 26–27 मार्च को पूर्वी भारत में बारिश और गरज-चमक की संभावना
- तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ मौसम रहेगा सक्रिय
- तापमान में गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत
- फसलों को नुकसान का भी बना रहेगा खतरा
देश के पश्चिमी हिस्सों में बने मौसम सिस्टम अब धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जल्द बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होंगी। इससे बढ़ती गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। प्री-मानसून सीजन में आमतौर पर मौसमी सिस्टम पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जो 26 और 28 मार्च के आसपास सक्रिय होंगे। इनके प्रभाव से पाकिस्तान के मध्य भाग और उत्तर राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनेगा। शुरुआत में इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत में दिखेगा, लेकिन धीरे-धीरे यह गतिविधियाँ पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ेंगी।
बारिश का समय, क्षेत्र और तीव्रता
26 मार्च से उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू हो सकती है, जबकि 26 मार्च की शाम से 27 मार्च के बीच बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं व आँधी-तूफान के साथ मौसम और भी सक्रिय रहेगा, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा बना रहेगा।
राहत भी, जोखिम भी
हालांकि तेज हवाओं और तूफान से नुकसान की आशंका है, लेकिन इस बारिश के कई फायदे भी होंगे। तापमान में गिरावट आएगी, गर्मी से राहत मिलेगी और मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। यह बारिश भले ही कम समय के लिए हो, लेकिन इसका असर ज्यादा रहेगा और कुल मिलाकर यह स्थिति मिलीजुली लेकिन ज्यादा लाभकारी साबित होगी।
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