दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम, बारिश के आसार कम, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Feb 9, 2026, 2:30 PM
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दिल्ली मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • एक सप्ताह से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में सूखा मौसम
  • 9 और 16 फरवरी के सिस्टम कमजोर, असर सीमित
  • दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना बहुत कम
  • तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी, रातें कम ठंडी

पिछले लगभग एक सप्ताह से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। आखिरी उल्लेखनीय मौसम गतिविधि 1 फरवरी को देखी गई थी, जब पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की और छिटपुट बारिश हुई थी। इसके बाद से लगातार सूखे हालात बने हुए हैं। बारिश न होने और धूप निकलने से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है, जिससे सर्दी का असर कम महसूस हो रहा है। अब कहा जा सकता है कि उत्तर भारत में सर्दी का चरम दौर लगभग समाप्त हो चुका है।

9 फरवरी का पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, तापमान में हल्की बढ़ोतरी

9 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पहुंच रहा है, लेकिन इसका असर मैदानी इलाकों पर बारिश के रूप में लगभग ना के बराबर रहेगा। हालांकि सतही हवाएं कमजोर पड़ेंगी, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। न्यूनतम तापमान भी थोड़ा बढ़ेगा, जिसके कारण रातें पहले के मुकाबले कम ठंडी रहेंगी। यानी मौसम शुष्क रहेगा लेकिन ठंड की तीव्रता घटती जाएगी।

फसलों के लिए भारी बारिश नुकसानदेह

एक और पश्चिमी विक्षोभ लगभग 16 फरवरी के आसपास पश्चिमी हिमालय में पहुंचेगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ भागों में बादल छा सकते हैं। 17 और 18 फरवरी को पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की और छिटपुट बारिश संभव है, लेकिन यह बहुत कम और महत्वहीन होगी, जिससे कृषि पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस समय मैदानी क्षेत्रों की उपजाऊ जमीन को तेज बारिश नहीं बल्कि हल्की और बिखरी वर्षा की जरूरत है, क्योंकि अधिकतर फसलें पकने की अवस्था में हैं। तेज बारिश, ओलावृष्टि और मजबूत हवाएं फायदा करने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं। जनवरी में 23 और 27 तारीख को आए दो मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पश्चिम मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ओले और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान भी हुआ था। कुल मिलाकर आने वाले एक हफ्ते में उत्तर भारत, दिल्ली और एनसीआर सहित, किसी बड़ी मौसम गतिविधि की संभावना नहीं है और शुष्क, हल्का गर्म और स्थिर मौसम बना रहेगा।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना बहुत कम है, मौसम शुष्क रहेगा।

यह मुख्य रूप से पहाड़ों तक सीमित रहेगा, मैदानों में केवल बादल ला सकता है।

हां, अभी हल्की और बिखरी बारिश फायदेमंद है, तेज बारिश और ओले नुकसान कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है