पूर्वी भारत में प्री-मानसून का जोर, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश, आँधी के साथ ओलावृष्टि की आशंका

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 19, 2026, 6:00 PM
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पूर्वी राज्यों में बिगड़ेंगे मौसम के तेवर, फोटो: AI-Skymet

मुख्य मौसम बिंदु

  • देश में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं
  • पूर्वी भारत में बारिश और आंधी-तूफान का खतरा ज्यादा
  • तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं
  • 21 मार्च से मौसम में सुधार की संभावना

देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में व्यापक स्तर पर मौसम सक्रिय रहा। आज भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा, लेकिन इसका असर दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ तक भी फैल जाएगा। आने वाले 1-2 दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिलेंगे।

पश्चिम में कमी, पूर्वी भारत में बढ़ेगी तेज गतिविधि

जहां पश्चिमी हिस्सों में तेज मौसम गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम होंगी, वहीं दक्षिण भारत में भी कल से बारिश में कमी आ सकती है। इसके विपरीत, इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वी राज्यों में तेज मौसम गतिविधियाँ और ज्यादा फैलेंगी। यानी आने वाले दिनों में पूर्वी भारत मौसम का केंद्र बन जाएगा।

पूर्वी राज्यों में बारिश से कुछ राहत, लेकिन खतरा भी

बिहार, झारखंड और ओडिशा में मार्च के दौरान अब तक बारिश की कमी रही है। हालांकि पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश में हो रही बारिश का असर गंगीय पश्चिम बंगाल पर पड़ा, जिससे वहां स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई। अब जो नया बारिश का दौर आने वाला है, वह इन राज्यों में कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है। लेकिन इसके साथ तेज आंधी-तूफान का खतरा भी रहेगा।

मौसम सिस्टम: नमी और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ा रहे असर

पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। वहीं बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं पूर्वी तट के साथ काफी नमी ला रही हैं। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़ा सिस्टम अगले 24 घंटों में पूर्व की ओर बढ़ेगा, जिससे पूर्वी भारत में मौसम गतिविधियाँ और तेज होंगी।

कल इन राज्यों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली

छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कल बारिश और गरज-चमक की संभावना है। प्री-मानसून के तहत इन राज्यों में तेज आंधी, बिजली गिरना और भारी बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले में काम करने से बचें और बिजली गिरने से सुरक्षा के उपाय अपनाएं। 21 मार्च 2026 से मौसम में सुधार होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

हां, कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है।

21 मार्च 2026 से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है