दिल्ली में अभी नहीं बरसेंगे झमाझम बादल, वीकेंड तक फिर बढ़ेगी गर्मी और उमस, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 7, 2026, 1:57 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट, सांकेतिक फोटो: AI-Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम लगभग शुष्क रहा।
  • दिन और रात का तापमान सामान्य से करीब 2°C अधिक दर्ज किया गया।
  • 7 से 10 जुलाई के बीच केवल हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
  • जुलाई के पहले सप्ताह में केवल 11.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से काफी कम है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 7 से 15 जुलाई 2026 तक मान्य है।

दिल्ली में अभी नहीं बरसेंगे झमाझम बादल, पूरे सप्ताह उमस करेगी परेशान, बारिश की उम्मीद बेहद कम

पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में मौसम लगभग शुष्क बना रहा और अधिकांश इलाकों में बारिश दर्ज नहीं की गई। दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से लगभग 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। तापमान के साथ हवा में नमी (Humidity) भी ज्यादा होने से लोगों को दिनभर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम के रुख को देखते हुए पूरे सप्ताह ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है। 7 से 10 जुलाई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन फिलहाल भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। गौरतलब है, मानसून की गतिविधियाँ कमजोर रहेंगी, जिस कारण दिल्ली औऱ उसके आसपास के इलाकों में केवल हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

कमजोर पड़ा मानसूनी सिस्टम, इसलिए दिल्ली से दूर रहेगी अच्छी बारिश

छत्तीसगढ़ पर बना मानसूनी डिप्रेशन अब कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) में बदल गया है। इस मौसम प्रणाली के कारण पूर्व-पश्चिम मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) दिल्ली के दक्षिण में खिसक गई है और फिलहाल इतनी दूर है कि दिल्ली में कोई बड़ी मौसम गतिविधि नहीं हो सकती। जैसे-जैसे यह सिस्टम पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, मानसूनी द्रोणिका भी दिल्ली के थोड़ा करीब आएगी। 9 जुलाई के आसपास दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इसके बाद जब यह सिस्टम पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तराई में कमजोर होकर समाप्त होगा, तब मानसूनी ट्रफ फिर दिल्ली के उत्तर में चली जाएगी। ऐसे में जुलाई के मध्य तक बारिश की गतिविधियाँ बहुत कम या लगभग समाप्त रह सकती हैं। इस दौरान तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश रही कमजोर

दिल्ली के लिए साल का दूसरा सबस अधिक बारिश वाला महीना माना जाता है। जिसमें औसतन 195.8 मिमी वर्षा होती है। पिछले लगातार आठ वर्षों से जुलाई में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि इस वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में केवल 11.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से काफी कम है। अगर दूसरे सप्ताह में भी बारिश कम रहती है, तो महीने के दूसरे हिस्से में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा करने का दबाव बढ़ जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई के दूसरे भाग में अच्छी बारिश तभी संभव होगी, जब बंगाल की खाड़ी में कोई नया मौसम तंत्र विकसित हो या पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों को सक्रिय रूप से प्रभावित करे।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, इस सप्ताह केवल हल्की और छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। भारी बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं।

तापमान सामान्य से लगभग 2°C अधिक है और हवा में नमी भी ज्यादा है। इसी कारण लोगों को उमस भरी गर्मी महसूस हो रही है।

अच्छी बारिश की संभावना तब बढ़ेगी जब बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बने या कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करे।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है