मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और मध्य महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का खतरा, कई जिलों में हाई अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 7, 2026, 6:45 PM
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मौसम अपडेट, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • भारी बारिश का क्षेत्र अब एमपी-राजस्थान-गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचेगा।
  • मुंबई और कोंकण में जारी अत्यधिक बारिश अब कम होने लगेगी।
  • निम्न दबाव क्षेत्र, मानसूनी ट्रफ और शियर ज़ोन से दो दिन तक भारी बारिश।
  • 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में भी भारी बारिश ।
  • पूर्वानुमान वैधता: 8 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक।

पिछले कई दिनों से कोंकण क्षेत्र, खासकर मुंबई में हो रही अत्यधिक भारी बारिश अब धीरे-धीरे कम होने लगेगी। अब भारी बारिश का मुख्य क्षेत्र मध्य और पूर्वी भारत से खिसककर मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के त्रि-जंक्शन (तीनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्र) में पहुंचने की संभावना है। इसका असर उत्तर मध्य महाराष्ट्र के उन इलाकों पर भी पड़ेगा, जो मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमा से लगे हुए हैं। वहीं, मध्य और पूर्वी भारत के जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही थी, वहां अब मौसम कुछ राहत दे सकता है और बारिश की तीव्रता घटने की संभावना है।

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निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी सिस्टम मिलकर बढ़ाएंगे बारिश का असर

छत्तीसगढ़ पर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश पर एक निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) में बदल चुका है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल (Mid Troposphere) तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर जाएगी। इसके साथ मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) भी आगे बढ़ेगी। दूसरी ओर, अरब सागर से आने वाली नम पश्चिमी हवाएं इस सिस्टम से मिलकर इन राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में मजबूत संवहन (Convergence Zone) बनाएंगी। इसके अलावा दक्षिणी तटीय गुजरात से उत्तरी ओडिशा तक एक पूर्व-पश्चिम शियर ज़ोन (Shear Zone) भी सक्रिय है, जो मध्य प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 9 जुलाई को भी दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा जारी रह सकती है।

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इन शहरों में भारी बारिश का अलर्ट, 11 जुलाई से मौसम में सुधार के संकेत

अगले दो दिनों के दौरान सूरत, वापी, वलसाड, भरूच, अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, आनंद, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, जलगांव, नासिक, नंदुरबार, धुले, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, सिरोही और राजसमंद में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। 10 जुलाई को निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने के बाद उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में केवल बिखरी हुई बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं 11 जुलाई से इस पूरे क्षेत्र में मौसम साफ होने और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मध्य प्रदेश, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और दक्षिणी गुजरात के सीमावर्ती इलाकों तथा उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हां, पिछले एक सप्ताह की अत्यधिक बारिश के बाद अब मुंबई और कोंकण में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं।

11 जुलाई से अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और मौसम साफ होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है