पूर्वी भारत में सूखा, बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल में नहीं हुई बारिश, अगले 15 दिन भी नहीं बरसेंगे बादल
मुख्य मौसम बिंदु
- दिसंबर और जनवरी में बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल में शून्य बारिश
- 1 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक 99–100% वर्षा घाटा
- आगामी दिनों में भी पूर्वी राज्यों तक मौसम सिस्टम के पहुंचने के आसार नहीं
- बारिश न होने से रातें ठंडी और दिन का तापमान बढ़ने की संभावना
देश के पूर्वी राज्यों में इस सर्दी के मौसम के दौरान बारिश पूरी तरह नदारद रही है। दिसंबर 2025 में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक भी बारिश दर्ज नहीं हुई। जनवरी 2026 में भी हालात जस के तस बने रहे और अब तक इन इलाकों में बारिश नहीं हुई है। आमतौर पर फरवरी में बिहार और झारखंड में सामान्य बारिश काफी कम हो जाती है, लेकिन पश्चिम बंगाल में फरवरी के दौरान अच्छी मात्रा में बारिश होती है। इसके बावजूद, 1 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 के बीच ये सभी राज्य 99 से 100 प्रतिशत तक वर्षा घाटे में बने हुए हैं।

पश्चिमी विक्षोभ का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार तक नहीं पहुंचा
देश के उत्तरी मैदानी इलाकों में भी दिसंबर और जनवरी के तीसरे सप्ताह तक बारिश की भारी कमी रही। हालांकि, पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभों की आवाजाही और मैदानी इलाकों में बने प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह कमी काफी हद तक पूरी हो गई। लेकिन ये मौसम प्रणालियां पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अंदरूनी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाईं। नतीजतन, पूरा क्षेत्र सर्दियों की बारिश से वंचित रहा और लंबे सूखे का सिलसिला जारी है।
अगले कुछ दिन भी राहत नहीं, तापमान के रुझान में बदलाव संभव
आने वाले 3 से 4 दिनों में उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में सर्दियों की एक और बारिश की संभावना है। लेकिन पहले की तरह ही ये मौसम प्रणालियां पूर्वी राज्यों तक पहुंचने से पहले ही कमजोर पड़ जाएंगी। पूर्वी राज्यों के साथ-साथ ओडिशा और छत्तीसगढ़ भी सूखे की चपेट में हैं, जहां जनवरी महीने में अब तक शून्य बारिश दर्ज की गई है। बारिश के अभाव में इन इलाकों में रात का तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, जबकि दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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