उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश ने बदले हालात, सूखे से मिली राहत, आगे और बरस सकते हैं बादल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 27, 2026, 2:30 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 22–24 जनवरी की बारिश से सूखे जैसे हालात में सुधार
  • पहाड़ों में वर्षा कमी घटकर लगभग 30% रह गई
  • पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान वर्षा अधिशेष में
  • 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच फिर बारिश की संभावना

उत्तर-पश्चिम भारत में पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और मैदानी क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश इस सर्दी में अब तक सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे थे। 22 जनवरी 2026 तक पहाड़ों और मैदानों में बारिश-बर्फबारी की कमी 90 से 100 प्रतिशत तक थी। लेकिन 22 से 24 जनवरी 2026 के बीच हुई व्यापक और तेज़ बारिश-बर्फबारी ने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया। अब पहाड़ी इलाकों में कमी घटकर लगभग 30 प्रतिशत रह गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से ऊपर पहुंच गई है। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान अब ‘अधिक वर्षा’ की श्रेणी में आ गए हैं।

उत्तर-पश्चिम डिवीजन के आंकड़े और क्षेत्रवार स्थिति

1 से 22 जनवरी 2026 के बीच पूरे उत्तर-पश्चिम डिवीजन में औसतन 94 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। हालांकि 23 और 24 जनवरी को लगातार दो दिनों तक हुई बारिश और बर्फबारी ने उत्तर प्रदेश को छोड़कर लगभग पूरे क्षेत्र की भरपाई कर दी। वर्तमान में पंजाब 80 प्रतिशत और हरियाणा 36 प्रतिशत वर्षा अधिशेष में हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 62 प्रतिशत की बड़ी अधिशेष बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बारिश नहीं पहुंच सकी है और वहां अब भी करीब 95 प्रतिशत की भारी कमी बनी हुई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान: फिर से बारिश के आसार

इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके साथ मैदानी इलाकों में प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस दौर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश पहुंचने के आसार नहीं हैं। इसके बाद 30 जनवरी 2026 के आसपास एक और नया मौसम सिस्टम आने की संभावना है, जिसके चलते 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 के बीच एक बार फिर बारिश का ताज़ा दौर देखने को मिल सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

22 जनवरी तक पहाड़ों और मैदानों में 90–100% तक बारिश की कमी दर्ज की गई थी।

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में अब वर्षा अधिशेष दर्ज किया गया है।

हां, 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 के बीच एक और बारिश का दौर आने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है