भीषण शीत लहर की चपेट में उत्तर भारत, सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज, इन क्षेत्रों में 2°C से नीचे पारा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 12, 2026, 2:15 PM
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भीषण शीत लहर की चपेट में उत्तर भारत, फोटो-PTI

मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर भारत में भीषण ठंड, बर्फीली हवाओं से जनजीवन प्रभावित
  • कई शहरों में तापमान 2°C से नीचे, गंभीर शीत लहर
  • अगले 3 दिन ठंड और घने कोहरे का असर जारी
  • 18–21 जनवरी के बीच सर्दियों की बारिश से राहत की उम्मीद

बर्फीली और जमा देने वाली हवाओं के लगातार असर से पूरा उत्तर भारत भीषण ठंड की चपेट में आ गया है। पहाड़ों से आने वाली बेहद ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों को पूरी तरह जकड़ लिया है, जिससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में ग्लेशियर जैसी ठंड महसूस की जा रही है। न्यूनतम तापमान भले ही जमाव बिंदु (0°C) से थोड़ा ऊपर रुका हुआ है, लेकिन सुबह चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण ‘फील लाइक’ तापमान हड्डियां जमा देने वाला हो गया है। चिंता की बात यह है कि ठंड फिलहाल थमने वाली नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में सर्दी और ज्यादा कठोर हो सकती है।

इन राज्यों में सीजन का सबसे कम तापमान

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है, जिससे कई इलाकों में गंभीर शीत लहर की स्थिति बन गई है। बीते दो दिनों से राजस्थान और हरियाणा सबसे ज्यादा ठंडे राज्य बने हुए हैं। जिन मौसम केंद्रों पर तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, उनमें अमृतसर (1.1°C), नारनौल (1.2°C), भिवानी (1.5°C), पिलानी (1.5°C), चूरू (1.3°C), गंगानगर (1.4°C) और सीकर (2°C) शामिल हैं। ये सभी इस सीजन के न्यूनतम तापमान हैं। वहीं, जैसलमेर, हिसार, करनाल, रोहतक और चंडीगढ़ जैसे शहरों में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया है। सीमावर्ती शहर फलौदी में कल 11 जनवरी को न्यूनतम तापमान 0.4°C तक पहुंच गया था। वहीं, अपुष्ट खबरों के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी में तापमान शून्य से नीचे चला गया।

वीकेंड पर राहत और बारिश की उम्मीद

इस समय जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा में ट्रफ के रूप में सक्रिय है, जो आज क्षेत्र से निकल जाएगा। इसके बाद उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रात का तापमान बना रह सकता है या हल्की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले तीन दिन पूरे उत्तर भारत के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान भीषण ठंड जारी रहने की संभावना है और कुछ स्थानों पर बेहद घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, आने वाला वीकेंड कुछ राहत लेकर आ सकता है। पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उसके असर से मैदानी इलाकों में बनने वाला चक्रवाती परिसंचरण सर्दियों की बारिश की एक श्रृंखला ला सकता है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और अगले 48 घंटों बाद पूर्वानुमान की समीक्षा की जाएगी। अनुमान है कि 18 से 21 जनवरी 2026 के बीच नया सप्ताह बारिश के साथ शुरू हो सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पहाड़ों से उतर रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से भीषण ठंड बनी हुई है।

हां, अगले कुछ दिनों तक रात के तापमान में हल्की और गिरावट संभव है।

वीकेंड के आसपास हल्की राहत मिलने और 18–21 जनवरी के बीच बारिश की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है