UP-उत्तराखंड में मानसून की एंट्री तय, जानिए कब से शुरू होगी बारिश और किन जिलों पर रहेगा ज्यादा असर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 29, 2026, 2:00 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून का इंतजार अब समाप्त होने वाला है।
  • 30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होने की संभावना है।
  • 2 जुलाई तक दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश हो सकती है।
  • किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुवाई की परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह पूर्वानुमान 30 जून से 6 जुलाई 2026 तक मान्य है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का लंबा इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। देश के कई हिस्सों में तय समय से पीछे चल रहा मानसून अब तेजी से आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 20 जून के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण करीब 10 दिनों की देरी हुई। इसी वजह से दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अब तक गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है।

मौसम प्रणालियाँ हुईं सक्रिय, मानसून को मिलेगा बल

अब मौसम की परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंचने लगी हैं। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून को उत्तर दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

2 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में पहुंचेगा मानसून

30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें शुरू होने की संभावना है। 1 जुलाई तक मौसम प्रणाली और मजबूत होगी, जिससे उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तराखंड में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ेगी। 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूरे उत्तराखंड में व्यापक मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभावी आगमन माना जाएगा।

गर्मी से राहत, किसानों के लिए खुशखबरी

बारिश बढ़ने के साथ ही गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने लगेगी। बादल छाने और लगातार बारिश होने से दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी तथा मौसम सुहावना हो जाएगा। मानसून की देरी के कारण किसान खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। जुलाई के पहले सप्ताह में व्यापक बारिश होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी आएगी, जिससे धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान कई दौर की बारिश होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू होने की संभावना है और 2 जुलाई तक अधिकांश राज्य में मानसून सक्रिय हो सकता है।

1 से 2 जुलाई के बीच उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।

हां, जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई आसान होगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है