UP-उत्तराखंड में मानसून की एंट्री तय, जानिए कब से शुरू होगी बारिश और किन जिलों पर रहेगा ज्यादा असर
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून का इंतजार अब समाप्त होने वाला है।
- 30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होने की संभावना है।
- 2 जुलाई तक दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश हो सकती है।
- किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुवाई की परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
- पूर्वानुमान की वैधता: यह पूर्वानुमान 30 जून से 6 जुलाई 2026 तक मान्य है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का लंबा इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। देश के कई हिस्सों में तय समय से पीछे चल रहा मानसून अब तेजी से आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 20 जून के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण करीब 10 दिनों की देरी हुई। इसी वजह से दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अब तक गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है।
मौसम प्रणालियाँ हुईं सक्रिय, मानसून को मिलेगा बल
अब मौसम की परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंचने लगी हैं। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून को उत्तर दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
2 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में पहुंचेगा मानसून
30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें शुरू होने की संभावना है। 1 जुलाई तक मौसम प्रणाली और मजबूत होगी, जिससे उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तराखंड में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ेगी। 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूरे उत्तराखंड में व्यापक मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभावी आगमन माना जाएगा।
गर्मी से राहत, किसानों के लिए खुशखबरी
बारिश बढ़ने के साथ ही गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने लगेगी। बादल छाने और लगातार बारिश होने से दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी तथा मौसम सुहावना हो जाएगा। मानसून की देरी के कारण किसान खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। जुलाई के पहले सप्ताह में व्यापक बारिश होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी आएगी, जिससे धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान कई दौर की बारिश होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
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