महाराष्ट्र समेत मुंबई में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जुलाई तक भारी बारिश के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में 5-6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना।
- पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने से महाराष्ट्र में मानसून फिर सक्रिय हुआ।
- भारी बारिश से जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा और पानी की कमी कम होगी।
- कुछ स्थानों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
- पूर्वानुमान की वैधता: यह पूर्वानुमान 30 जून से 6 जुलाई 2026 तक प्रभावी है।
कुछ दिनों की कमजोरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर महाराष्ट्र और मुंबई में सक्रिय हो गया है। मानसून की शुरुआत देरी से हुई थी, लेकिन शुरुआती दौर में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गईं और अधिकांश स्थानों पर केवल हल्की या छिटपुट वर्षा हुई। अब पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मानसून फिर सक्रिय हो गया है। इसका असर महाराष्ट्र से लेकर तटीय कर्नाटक और केरल तक पूरे पश्चिमी तट पर देखा जा रहा है, जहां व्यापक बारिश शुरू हो गई है।
मुंबई में फिर बढ़ी बारिश, मौसम हुआ सुहावना
मुंबई में मानसून ने 23 जून को दस्तक दी थी, जो सामान्य तिथि से लगभग 13 दिन देर थी। हालांकि, मानसून के आगमन के साथ ही शहर में जोरदार बारिश हुई। पहले ही दौर में सांताक्रूज वेधशाला में 225 मिमी और कोलाबा वेधशाला में 248 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद बारिश काफी कम हो गई थी और केवल हल्की बौछारें पड़ रही थीं। अब पिछले 24 घंटों में बारिश फिर तेज हुई है। कोलाबा में 30 मिमी और सांताक्रूज में 103 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून दोबारा सक्रिय हो चुका है।
6 जुलाई तक जारी रह सकती है अच्छी बारिश, जलभराव का भी खतरा
मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 5 से 6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। हालांकि, कुछ समय के लिए तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी स्थिति, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। 5 और 6 जुलाई के आसपास दक्षिण मध्य प्रदेश से उत्तर कोंकण और गोवा की ओर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बढ़ सकता है, जिससे बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।
जल संकट से मिलेगी राहत, जलाशयों का बढ़ेगा जलस्तर
मानसून के दोबारा सक्रिय होने से मुंबई के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मानसून आने के बाद बारिश में आई कमी के कारण शहर के जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रहा था। इसी वजह से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पर कटौती भी लागू करनी पड़ी थी। अब व्यापक बारिश से जलाशयों में पानी का भंडारण तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिससे जल संकट काफी हद तक कम हो सकता है। वैसे भी जुलाई और अगस्त मुंबई के सबसे अधिक बारिश वाले महीने माने जाते हैं और इस दौरान एक-दो बार अत्यधिक भारी वर्षा के कारण बाढ़ और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां बनना सामान्य बात है। लोगों को सलाह है कि भारी बारिश के दौरान मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
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