केरल में सक्रिय हुआ मानसून, अगले 7 दिनों तक मूसलाधार बारिश का खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 5, 2026, 4:15 PM
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केरल में भारी बारिश का अलर्ट, प्रतीकात्मक फोटो: AI

मुख्य मौसम बिंदु

  • 4 जून 2026 को केरल में मानसून की एंट्री हुई।
  • अगले 6-7 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा।
  • अरब सागर में बना सर्कुलेशन बारिश की गतिविधियां बढ़ा रहा है।
  • तटीय और पहाड़ी इलाकों में जलभराव व बाढ़ की आशंका।

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को दस्तक दे दी। मानसून के आगमन से पहले भी राज्य में सामान्य रूप से होने वाली प्री-मानसून बारिश जारी थी, जिसके तहत कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब मौसम गतिविधियां और तेज हो गई हैं तथा अगले कम से कम एक सप्ताह तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

आमतौर पर जून और जुलाई के महीने केरल में मानसून के सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने माने जाते हैं। इन दोनों महीनों में औसतन लगभग 650 मिमी बारिश दर्ज होती है। पूरे मानसूनी सीजन की करीब 70 प्रतिशत बारिश जून और जुलाई के दौरान ही हो जाती है, इसलिए इस अवधि को केरल के लिए सबसे अहम और संवेदनशील माना जाता है।

अरब सागर में बने सर्कुलेशन से बढ़ी बारिश

पूर्व-मध्य अरब सागर में गोवा और उत्तर तटीय कर्नाटक के पास मध्य स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह सिस्टम समुद्र तल से करीब 10 हजार से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसी के प्रभाव से केरल, कर्नाटक और गोवा तट के साथ मानसूनी पश्चिमी हवाओं का मजबूत संगम बन रहा है, जिससे लगातार बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में व्यापक बारिश हुई है। कोच्चि, कोझिकोड, कोट्टायम और कन्नूर में भारी बारिश दर्ज की गई। इसका असर कर्नाटक तट तक भी पहुंचा, जहां होन्नावर और कारवार में भी तेज बारिश हुई।

कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा

अरब सागर में बना यह सर्कुलेशन अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। हालांकि इसके मजबूत होकर किसी बड़े मानसूनी सिस्टम में बदलने की संभावना कम है, लेकिन इसकी मौजूदगी ही मानसूनी हवाओं को लगातार पश्चिमी घाट से टकराने के लिए मजबूर करेगी। खासतौर पर 15 डिग्री उत्तर अक्षांश के नीचे के इलाकों में इसका असर अधिक रहेगा।

तिरुवनंतपुरम से लेकर कोझिकोड तक केरल का पूरा तटीय क्षेत्र भारी से बहुत भारी बारिश के खतरे में रहेगा। 7 जून से 11 जून 2026 के बीच बारिश की तीव्रता और फैलाव और ज्यादा बढ़ सकता है। लगातार 6 से 7 दिनों तक होने वाली बारिश से जमीन पूरी तरह संतृप्त हो सकती है।

पहाड़ी इलाकों और पश्चिमी घाट के प्रभाव के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा भी रहेगा। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए अगले एक सप्ताह तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अगले कम से कम 6 से 7 दिनों तक केरल में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसूनी हवाएं पश्चिमी घाट से टकरा रही हैं, जिससे बारिश बढ़ रही है।

तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड तक तटीय और पहाड़ी इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा ज्यादा रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है