महाराष्ट्र में प्री-मानसून की दस्तक, विदर्भ- मराठवाड़ा में आँधी-बारिश, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 16, 2026, 6:00 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • विदर्भ के कई शहरों में पिछले एक सप्ताह से तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
  • 12 मार्च को अमरावती में अधिकतम तापमान 42.2°C तक पहुंच गया।
  • 18 से 20 मार्च के बीच महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां संभव हैं।
  • गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।

महाराष्ट्र के अंदरूनी यानी लैंड-लॉक्ड उपविभाग(विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र) देश के सबसे गर्म क्षेत्रों में गिने जाते हैं। विदर्भ क्षेत्र का अमरावती इन दिनों देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा है। यहां पिछले एक सप्ताह से तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। 12 मार्च 2025 को शहर का अधिकतम तापमान 42.2°C तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। मार्च के पहले आधे हिस्से में विदर्भ के अकोला, वाशिम, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर, ब्रह्मपुरी और यवतमाल में भी बार-बार तापमान 40°C के पार चला गया। इसके अलावा ज्यूर, मालेगांव और शोलापुर जैसे कुछ स्थानों पर भी मौसम की शुरुआत में ही 40°C के करीब तापमान दर्ज किया गया। हालांकि अब जल्द ही महाराषट्र के इन तीनों अंदरूनी उपविभागों(विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र) में प्री-मानसून गतिविधियाँ शुरू होने की संभावना है।

मौसम प्रणालियों के कारण बदलेगा मौसम

फिलहाल देश के उत्तरी हिस्सों से होकर लगातार कई पश्चिमी विक्षोभों की श्रृंखला गुजर रही है। इन सिस्टमों के कारण उत्तर भारत में पहले ही प्री-मानसून गतिविधियाँ शुरू हो चुकी हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से राजस्थान के ऊपर बना एंटी-साइक्लोन अब महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों की ओर खिसक गया है। वहीं, पूर्वी तट से आने वाली हवाएं नमी को अंदरूनी क्षेत्रों तक लेकर आ रही हैं, जिससे इस खिसके हुए एंटी-साइक्लोन के साथ नमी का संगम (कन्वर्जेंस) बन रहा है। इसके अलावा विदर्भ और मराठवाड़ा से लेकर प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी भागों तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा बनी हुई है, जो उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से होकर गुजर रही है। ये सभी कारक मिलकर महाराष्ट्र में प्री-मानसून की पहली सक्रिय मौसम गतिविधियों को जन्म देंगे।

18 से 20 मार्च के बीच बढ़ेगी मौसम गतिविधियाँ

इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से महाराष्ट्र के तीनों लैंड-लॉक्ड उपविभागों (विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र) में प्री-मानसून से जुड़ी गरज-चमक वाली गतिविधियां देखने को मिलेंगी। हालांकि कोंकण तट पर मौसम शांत रह सकता है। 18 मार्च को दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा के अधिकांश हिस्सों और विदर्भ के कुछ स्थानों पर मौसम सक्रिय होगा। इसके बाद 19 मार्च को यह गतिविधियाँ मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिक क्षेत्रों तक फैल जाएंगी। वहीं 20 मार्च को मध्य महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में मौसम थोड़ा शांत हो सकता है, लेकिन विदर्भ और मराठवाड़ा के अधिकांश क्षेत्रों में गतिविधियाँ जारी रहेंगी। इन तीन दिनों के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने की घटनाएं और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके साथ हल्की से मध्यम बारिश भी संभव है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि का यह संयोजन खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

गर्मी से मिलेगी राहत, 21 मार्च से मौसम होगा साफ

हालांकि यह प्री-मानसून बारिश क्षेत्र में जारी भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी, खासकर विदर्भ के कई हिस्सों में इसका असर ज्यादा महसूस होगा। इस कारण अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी की स्थिति बनने की संभावना कम है और तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 मार्च से मौसम गतिविधियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगेंगी और इसके बाद कम से कम एक सप्ताह तक मौसम साफ और सामान्य बना रह सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 18 मार्च से महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।

विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

हाँ, बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है