पहाड़ों में फिर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ,पूरे सप्ताह कश्मीर से हिमाचल तक बारिश और बर्फबारी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 16, 2026, 2:30 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी।
  • श्रीनगर, बनिहाल और काजीगुंड जैसे निचले क्षेत्रों में बारिश हुई।
  • 19 और 20 मार्च को पहाड़ों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना।
  • खराब मौसम के कारण पर्यटन और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।

कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी ने पूरी घाटी को सफेद चादर से ढक दिया है। गुलमर्ग, सोनमर्ग और सिंथन टॉप सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई है। इसके अलावा गुरेज घाटी, सिंथन टॉप और पीर की गली में भी काफी मात्रा में बर्फ जमा हुई है। वहीं निचले पहाड़ी इलाकों जैसे श्रीनगर, बनिहाल, काजीगुंड और अवंतीपुरा में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली है।

हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। यहां के मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में मध्यम बारिश हुई, जबकि ऊंचे इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। कुल्लू, मनाली, बिलासपुर, सोलन, शिमला, कांगड़ा, सिरमौर और ऊना के कई हिस्सों में बारिश हुई। वहीं कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई। अटल टनल, सिस्सू, रोहतांग पास और शिंकुला पास जैसे ऊंचे स्थानों पर भी बर्फबारी हुई।

देर से हुई बर्फबारी ने बदला पहाड़ों का मौसम

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देर से हुई बर्फबारी जनवरी और फरवरी के सूखे सर्दी के मौसम से बिल्कुल अलग स्थिति दिखा रही है। इस बार जनवरी-फरवरी के पीक सर्दियों के दौरान जहां पहाड़ों पर बर्फ की कमी के कारण सूखा सा दृश्य दिखाई दे रहा था, वहीं मार्च में हुई यह बर्फबारी उस स्थिति के बिल्कुल विपरीत है। स्काईमेट के अनुसार अगले एक सप्ताह तक पहाड़ी राज्यों में बारिश, बर्फबारी और मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

अगले सप्ताह मौसम रहेगा सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले एक सप्ताह तक लगातार पश्चिमी विक्षोभों की एक श्रृंखला उत्तरी पहाड़ों को प्रभावित करती रहेगी। इनमें से एक नया पश्चिमी विक्षोभ 17 मार्च 2025 को पहुंचने वाला है। इसके साथ मैदानी इलाकों में बनने वाला प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानों दोनों में मौसम गतिविधियों को बढ़ा सकता है। खासकर 19 और 20 मार्च को पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी ज्यादा देखने को मिल सकती है। इस दौरान निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में कुछ जगह ओलावृष्टि भी हो सकती है, जबकि 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी होने की संभावना है।

यातायात और पर्यटन पर असर

इस मौसम के कारण कुछ जगहों पर सड़कें और हाईवे बाधित हो सकते हैं। हवाई सेवाओं पर भी थोड़े समय के लिए असर पड़ सकता है। इसके अलावा पर्यटन स्थलों जैसे गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, रोहतांग पास, लाहौल-स्पीति और कुल्लू घाटी के ऊंचे क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि इस मौसम का सकारात्मक पहलू यह है कि झीलों और जल स्रोतों में पानी की मात्रा बढ़ेगी, जो आने वाले मौसम के लिए बेहद जरूरी है।

पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए सलाह

मौसम में बदलाव से पहले से गर्मी का सामना कर रहे कई क्षेत्रों को राहत मिलेगी और अगले करीब 10 दिनों तक ठंडा मौसम बना रह सकता है। लेकिन विशेषज्ञों ने पर्यटकों, ट्रेकर्स और एडवेंचर गतिविधियों में शामिल लोगों को अगले एक सप्ताह तक सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि पहाड़ों में मौसम अचानक बदल सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो रही है।

हाँ, अगले एक सप्ताह तक पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

हाँ, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण कुछ जगहों पर सड़कें बंद हो सकती हैं और पर्यटकों के लिए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है