लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ, उत्तरी पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी, जानें अपने राज्य का मौसम
मुख्य मौसम बिंदु
- अगले सप्ताह दो पश्चिमी विक्षोभ गुजरेंगे
- पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी ज्यादा
- 16–18 फरवरी के बीच मौसम सक्रिय
- 19 फरवरी के बाद साफ मौसम और तापमान में बढ़ोतरी
अगले एक सप्ताह के दौरान देश के उत्तरी हिस्सों से दो पश्चिमी विक्षोभ गुजरने वाले हैं। इन सिस्टमों के प्रभाव से पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम गतिविधियां देखने को मिलेंगी, हालांकि असर पहाड़ों पर ज्यादा और मैदानी इलाकों में कम रहेगा। यह मैदानी क्षेत्रों के लिए फरवरी का आखिरी सक्रिय मौसम दौर भी हो सकता है। इसके बाद मौसमी बदलाव शुरू होगा। ला-नीना परिस्थितियों को देखते हुए सर्दी के लंबे समय तक खिंचने की संभावना नहीं है।
पहला पश्चिमी विक्षोभ आज रात, ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी
पहला पश्चिमी विक्षोभ आज देर रात पहुंचेगा और शनिवार सुबह तक क्षेत्र से आगे निकल जाएगा। इसके असर से मध्य और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। निचले इलाकों में वर्षा की संभावना बहुत कम है और ये क्षेत्र बारिश से बचे रह सकते हैं। यहां बादल छाए रहेंगे और धुंध जैसी स्थिति बन सकती है।
दूसरा सिस्टम 16–18 फरवरी, पहाड़ों के साथ मैदान भी होंगे प्रभावित
दूसरा पश्चिमी विक्षोभ तेजी से पहले सिस्टम के पीछे आएगा और पश्चिमी हिमालय के पास पहुंचेगा। इसके साथ मैदानी इलाकों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बनेगा, जो पहाड़ी सिस्टम के साथ मिलकर असर डालेगा। दोनों सिस्टम मिलकर 16 से 18 फरवरी 2026 के बीच मौसम को प्रभावित करेंगे। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 16 और 17 फरवरी को हल्की मौसम गतिविधि रहेगी और 18 फरवरी की सुबह से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा। मैदानी इलाकों में गतिविधि लगभग 24 घंटे की देरी से शुरू होगी और 18 फरवरी तक खत्म हो जाएगी।
मैदानी इलाकों में सीमित बारिश, 19 फरवरी के बाद साफ मौसम
मैदानी इलाकों में इस सिस्टम की तीव्रता और फैलाव ज्यादा मजबूत नहीं होगा। 17 फरवरी को उत्तर और उत्तर-पूर्व राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों और तराई क्षेत्रों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसका बाहरी असर दिल्ली तक भी पहुंच सकता है। 18 फरवरी को मौसम गतिविधि(बारिश, ठंडी हवाएं) का दायरा और क्षेत्र दोनों कम हो जाएंगे। इस दिन दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश, उत्तर-पूर्व राजस्थान और दिल्ली क्षेत्र में हल्की और अलग-थलग बारिश संभव है। 19 फरवरी से पूरे क्षेत्र में पूरी तरह से मौसम साफ होने की संभावना है। इसके बाद फरवरी के बाकी बचे दिनों में मैदानी इलाकों में कोई और सर्दियों का सिस्टम आने के आसार नहीं हैं। 18 से 25 फरवरी के बीच साफ मौसम की लंबी अवधि रहेगी और महीने के आखिर में तापमान बढ़ने के साथ प्री-मानसून के शुरुआती संकेत मिल सकते हैं।







