पश्चिमी तट पूर्वी तट से ज्यादा गर्म, कोच्चि से कोंकण तक हीट वेव जैसे हालात, जल्द सक्रिय होगा प्री-मानसून

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 12, 2026, 6:30 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • पश्चिमी तट पर तापमान 36–38°C तक पहुंचा
  • पूर्वी तट पर पारा करीब 30–31°C
  • दोनों तटों के बीच बड़ा तापमान अंतर
  • प्री-मानसून गतिविधियों के शुरुआती संकेत

देश के पश्चिमी तट पर सामान्य से ज्यादा तेजी से गर्मी बढ़ रही है और तापमान मध्य से ऊपरी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। वहीं पूर्वी तट पर तापमान अभी भी कम है और करीब 30°C के आसपास बना हुआ है। प्रायद्वीपीय भारत(दक्षिण भारत) के पूर्व और पश्चिम तट के बीच तापमान का बड़ा अंतर बन रहा है, जो आने वाले प्री-मानसून सीजन के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।

देश का पश्चिमी तट भारत का वह समुद्री किनारा है जो अरब सागर के साथ लगा हुआ है। यह तट उत्तर में गुजरात से शुरू होकर महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय भागों से होता हुआ दक्षिण में केरल तक फैला है। मुंबई, रत्नागिरी, गोवा, कारवार, मंगलुरु और कोच्चि जैसे प्रमुख शहर इसी पश्चिमी तट पर स्थित हैं। मौसम और मानसून के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां समुद्री हवाओं और तटीय प्रभाव का तापमान और वर्षा पर सीधा असर पड़ता है।

कोच्चि से रत्नागिरी तक 36°C पार, कर्नाटक तट पर भी तेज गर्मी

पश्चिमी तट पर कोच्चि से रत्नागिरी के बीच कई स्थानों पर दिन का तापमान बार-बार 36°C से ऊपर दर्ज किया गया है। तटीय कर्नाटक में तापमान ऊपरी 30 डिग्री तक पहुंच गया है। कारवार में 38°C और होनावर में 37°C दर्ज हुआ। मुंबई ने पिछले सप्ताह ही 35°C का हैट्रिक आंकड़ा छू लिया, जो मौसम के लिहाज से काफी जल्दी है। दूसरी ओर, पूर्वी तट पर तूतीकोरिन, पुडुचेरी, चेन्नई से विशाखापट्टनम तक तापमान 30–31°C के आसपास बना हुआ है। इस अंतर की मुख्य वजह मध्य प्रदेश, उत्तर महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों पर बना एंटी-साइक्लोन है, जो बंगाल की खाड़ी से पूर्वी तट पर उत्तर-पूर्वी हवाएं भेज रहा है। ये हवाएं गर्म और नमी वाली हैं, लेकिन तापमान को अचानक बढ़ने से रोक रही हैं।

पश्चिमी तट पर स्थलीय हवाओं का असर, प्री-मानसून के शुरुआती संकेत

पश्चिमी तट पर दोपहर तक अंदरूनी इलाकों से आने वाली स्थलीय हवाएं चल रही हैं, जो पूर्वी तट की उत्तर-पूर्वी हवाओं का ही विस्तार हैं और प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी भागों को पार करके पश्चिमी तट तक पहुंचती हैं। इनके कारण तापमान 38°C तक पहुंच रहा है और आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि दक्षिण भारत के अंदरूनी हिस्से, पश्चिमी घाट के तटीय इलाकों जितने गर्म नहीं हैं। यह स्थिति दक्षिण भारत में आने वाले प्री-मानसून सीजन के शुरुआती संकेत मानी जा रही है।

जल्द प्री-मानसून सक्रिय होने के आसार

आम तौर पर प्री-मानसून शुरू होने पर पूर्व और पश्चिम तट के तापमान का अंतर कम हो जाता है। फिलहाल प्रायद्वीपीय भारत पर उत्तर-दक्षिण ट्रफ मौजूद नहीं है, जो प्री-मानसून की पहचान होती है। ऑफ-शोर ट्रफ भी नहीं बना है और पश्चिमी घाट के पास छोटे भंवर (वॉर्टिसेज) भी नहीं दिख रहे। आने वाले दिनों में प्रायद्वीप के मध्य और अंदरूनी हिस्सों पर ‘हीट लो’ बनने की संभावना है। इसके बाद उत्तर-दक्षिण मौसमी ट्रफ विकसित होगा और हवाओं में असंतुलन (विंड डिसकंटिन्यूटी) बनेगा। तब दोनों तटों के तापमान का अंतर घटेगा और संतुलन बनेगा। ये सभी संकेत दक्षिण भारत में प्री-मानसून के सक्रिय होने के हैं। इस सीजन में दक्षिण भारत में प्री-मानसून गरज-चमक की गतिविधियाँ सामान्य से पहले शुरू हो सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

स्थलीय हवाओं और साफ मौसम के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं तापमान बढ़ने से रोक रही हैं।

हां, मौसमी संकेत बताते हैं कि शुरुआत जल्द हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है