कश्मीर में सीजन की भारी बर्फबारी, श्रीनगर के लिए सभी उड़ानें रद्द, इस दिन से सुधरेगा मौसम
मुख्य मौसम बिंदु
- श्रीनगर, बनिहाल और काजीगुंड में सीजन की सबसे भारी बर्फबारी
- जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और कई पर्वतीय सड़कें बंद
- हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-बर्फ से सूखे दौर का अंत
- 26 जनवरी को नया पश्चिमी विक्षोभ, 27–28 को फिर खराब मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सभी पहाड़ियों और कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। श्रीनगर, बनिहाल और काजीगुंड में इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बर्फबारी हुई है। खराब मौसम के कारण श्रीनगर एयरपोर्ट से सभी उड़ानें (आवागमन और प्रस्थान) आज के लिए रद्द कर दी गई हैं। बर्फ हटाने का काम जारी है ताकि जल्द से जल्द उड़ानों की आवाजाही दोबारा शुरू की जा सके। गुलमर्ग स्की रिज़ॉर्ट समेत कुपवाड़ा, बारामुल्ला और शोपियां के ऊंचे इलाकों में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है।
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सड़क संपर्क प्रभावित, वैष्णो देवी में सीजन की पहली बर्फ
भारी बर्फबारी के चलते जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को नव्युग टनल के पास बंद कर दिया गया है। इसके अलावा मुगल रोड और सिंथन रोड भी कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं। फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए एहतियात के तौर पर NH-44 पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। इस बीच, वैष्णो देवी मंदिर परिसर भी इस सीजन की पहली बर्फबारी से सफेद चादर में ढक गया है।

हिमाचल प्रदेश में हुई सीजन की पहली बर्फबारी
हिमाचल और उत्तराखंड में बदला मौसम, बारिश-बर्फ से राहत
आज हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिसमें शिमला जिला, मनाली और चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और किन्नौर के ऊंचे इलाके शामिल हैं। लंबे समय से जारी शुष्क दौर का अंत होने से पर्यटकों में खुशी और किसानों को राहत मिली है। वहीं, उत्तराखंड में भी 8,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसके अलावा देहरादून, रुड़की, ऋषिकेश, पंतनगर, साथ ही नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर भारी बारिश और गरज-चमक दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, आगे कैसा रहेगा मौसम?
पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी क्षेत्रों में इससे जुड़े प्रेरित परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से पूरे क्षेत्र में कठोर मौसम गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। यह खराब मौसम अब पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर तराई क्षेत्रों में असर दिखेगा और आगे चलकर मध्य भारत के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचेगा।
हालांकि, अगले 24 घंटों में मैदानों और पहाड़ों दोनों में मौसम के सुधरने की संभावना है। मैदानों में बारिश थम जाएगी, जबकि पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद 26 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिससे 27 और 28 जनवरी 2026 के बीच मैदानों और पहाड़ों में एक बार फिर मौसम सक्रिय हो जाएगा।
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