उत्तरी पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार, तराई इलाकों में बारिश संभव, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 6, 2026, 1:45 PM
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हिमालयी राज्यों में फिर बर्फबारी

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिसंबर में पहाड़ों पर बर्फबारी लगभग नहीं हुई
  • 22 जनवरी के बाद कश्मीर–हिमाचल में भारी बर्फबारी
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब भी 24% कमी
  • 9–11 फरवरी को फिर बर्फबारी की संभावना

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में इस सर्दी के मौसम में सामान्य के मुताबिक बर्फबारी नहीं हुई है। दिसंबर लगभग पूरी तरह सूखा रहा और पहाड़ों की चोटियां बर्फ से खाली दिखीं। नए साल के दिन पहली बार हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई। इसके बाद करीब तीन हफ्तों तक फिर से बर्फबारी की गतिविधियों में लंबा विराम रहा, जिससे सर्दियों का असर कमजोर पड़ा।

जनवरी के अंत में भारी बर्फबारी, पर्यटन और यातायात पर असर

करीब 22 जनवरी 2026 से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ताजा और भारी बर्फबारी का दौर शुरू हुआ, जिसने लंबे सूखे अंतराल को तोड़ा। गुलमर्ग और शिमला में सबसे ज्यादा बर्फ जमा हुई। इस भारी बर्फबारी से सड़कें बंद हुईं, हाईवे जाम हो गए और रनवे तक अवरुद्ध हो गए, जिससे पर्यटन गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा। जनवरी के आखिरी और फरवरी की शुरुआत के बीच जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम में भारी बर्फबारी हुई। श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में भी मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में भी इस दौरान कई जगह अच्छी बर्फबारी हुई। शिमला में पिछले 30 साल की सबसे भारी बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। कुफरी, मनाली, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी जोरदार बर्फ गिरी। उत्तराखंड के चारधाम क्षेत्रों में भी इस अवधि में भारी बर्फबारी दर्ज हुई।

पश्चिमी विक्षोभ आते रहे, फिर भी कुल कमी बनी हुई

उत्तरी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ बार-बार आते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर सिस्टम कमजोर रहे और केवल थोड़े समय के लिए मध्यम असर दिखा सके। जनवरी के आखिरी सप्ताह में जो बड़ी कमी कुछ हद तक पूरी हुई थी, वह अब फिर से दिखने लगी है। 1 जनवरी से 5 फरवरी 2026 के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी/वर्षा की कुल मात्रा में करीब 24% की कमी दर्ज की गई है।

आगे फिर बर्फबारी के आसार, 9–11 फरवरी रहेगा एक्टिव दौर

इस समय एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडलीय सिस्टम के रूप में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से गुजर रहा है और आज देर रात तक आगे निकल जाएगा। इसके बाद 9 फरवरी 2026 को एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जिसमें 10 फरवरी को गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है। उत्तराखंड में भी 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होगी। सिस्टम का असर 12 फरवरी तक हल्के रूप में जारी रह सकता है और 13 फरवरी से मौसम सुधरने लगेगा। हालांकि 14 फरवरी को फिर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 15 फरवरी और उसके बाद पूरे क्षेत्र में मौसम साफ होने के संकेत हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे और लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहे।

गुलमर्ग, शिमला, मनाली, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भारी बर्फ गिरी।

9 से 11 फरवरी के बीच मध्यम बर्फबारी के आसार हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है