न बारिश न बादल, बीटिंग द रिट्रीट समारोह के लिए दिल्ली का मौसम एकदम साफ
मुख्य मौसम बिंदु
- बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान दिल्ली में आसमान साफ रहेगा
- कार्यक्रम के समय बारिश या मौसम बाधा की कोई संभावना नहीं
- रात में तापमान गिर सकता है, लेकिन समारोह के दौरान ठंड सामान्य रहेगी
- 31 जनवरी के बाद हल्की बारिश की संभावना बन सकती है
आज दिल्ली में मौसम पूरी तरह साफ है। आसमान में बादल नहीं हैं और धूप खिली हुई है। ऐसे में आज होने वाला बीटिंग द रिट्रीट समारोह बिना किसी मौसम बाधा के सफलतापूर्वक आयोजित होने की पूरी संभावना है।बीटिंग द रिट्रीट एक पुरानी सैन्य परंपरा है, जो हर साल 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक में आयोजित होती है। यह समारोह औपचारिक रूप से गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक माना जाता है। इस कार्यक्रम में रोशनी से जगमगाता राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक बेहद भव्य दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
बीटिंग द रिट्रीट की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बीटिंग द रिट्रीट की शुरुआत 17वीं सदी के इंग्लैंड से हुई थी। उस समय यह एक सैन्य संकेत होता था, जिसके जरिए सैनिकों को सूर्यास्त के बाद लड़ाई रोकने, हथियार रखने और अपने शिविरों में लौटने का आदेश दिया जाता था। समय के साथ यह सैन्य आदेश एक औपचारिक और सांस्कृतिक परंपरा में बदल गया।
भारत में बीटिंग द रिट्रीट का स्वरूप
भारत में बीटिंग द रिट्रीट अब एक भव्य संगीतमय समारोह बन चुका है। इस कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होते हैं, जिन्हें प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड की ओर से सलामी दी जाती है। भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दिल्ली पुलिस के मास्ड बैंड्स एक साथ देशभक्ति धुनों पर प्रदर्शन करते हैं। समारोह का सबसे भावुक पल तब आता है, जब “सारे जहाँ से अच्छा” की धुन बजती है और सूर्यास्त के समय राष्ट्रीय ध्वज को धीरे-धीरे उतारा जाता है। यह पल गणतंत्र दिवस समारोहों के शांत और गरिमामय समापन का प्रतीक होता है।
गणतंत्र दिवस समारोहों का भव्य समापन
26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी उपलब्धियाँ दिखाई जाती हैं।बीटिंग द रिट्रीट समारोह इन तीन दिनों के आयोजनों का और चिंतनशील समापन करता है। कर्तव्य पथ पर हुए भव्य प्रदर्शनों के बाद यह समारोह राष्ट्रीय गर्व और अनुशासन की भावना को और मजबूत करता है।
इस सर्दी दिल्ली में तापमान और बारिश का हाल
इस सर्दी दिल्ली के मौसम में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। जनवरी महीने में सफदरजंग में 19.2 मिमी और पालम में 17.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। हालांकि, 2022 में बारिश इससे भी ज्यादा रही थी, जब सफदरजंग में 88.2 मिमी और पालम में 110 मिमी बारिश हुई थी। ठंड के मामले में भी यह सर्दी खास रही। गणतंत्र दिवस 2026 को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2021 के बाद सबसे ठंडा रहा। तुलना करें तो 2021 में तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। पालम में 15 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री रहा, जो लगभग 20 वर्षों में सबसे कम था। वहीं, सफदरजंग में 16 जनवरी 2023 को तापमान 1.4 डिग्री तक गिर चुका है।
आज का मौसम और बीटिंग द रिट्रीट पर इसका असर
दिल्ली-एनसीआर में अब बादल पूरी तरह छंट चुके हैं और मौसम स्थिर बना हुआ है। आज बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान बारिश या किसी भी मौसम व्यवधान की कोई आशंका नहीं है। हालांकि, सूर्यास्त के बाद और समारोह समाप्त होने के बाद तापमान में गिरावट हो सकती है, लेकिन कार्यक्रम के दौरान मौसम पूरी तरह आरामदायक बना रहेगा।
आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?
30 जनवरी की देर रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ सकता है। इसके असर से मैदानी इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इस वजह से 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की और छिटपुट बारिश हो सकती है। फरवरी की शुरुआत हल्की बारिश के साथ हो सकती है, हालांकि बारिश ज्यादा तेज नहीं होगी। आज शाम जब दिल्ली बीटिंग द रिट्रीट समारोह की मेज़बानी करेगी, तब मौसम पूरी तरह अनुकूल रहेगा। साफ आसमान, रोशनी से सजे ऐतिहासिक भवन, सैन्य बैंड की गूंज और अनुशासित परेड इस आयोजन को और भव्य बनाएंगे। बारिश की संभावना सप्ताहांत के बाद है, इसलिए आज का समारोह बिना किसी रुकावट के गणतंत्र दिवस समारोहों का शानदार समापन करेगा।







