दिल्ली में मानसून की एंट्री होगी लेट, वीकेंड तक आँधी-तूफान और बारिश के आसार, जानें मौसम का पूरा हाल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 17, 2026, 1:00 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली में मानसून की सामान्य तिथि 27 जून है।
  • इस बार मानसून के तय समय पर पहुंचने की संभावना कम है।
  • कोंकण और मुजफ्फरपुर के पास मानसून की प्रगति रुकी हुई है।
  • प्री-मानसून बारिश से तापमान 40°C से नीचे बना रहेगा।
  • पूर्वानुमान की वैधता: अगले 7 से 10 दिन।

दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 27 जून मानी जाती है। वर्ष 2020 में मानसून की सामान्य तिथि को 29 जून से संशोधित कर 27 जून किया गया था। पिछले चार सालों में मानसून अपने सामान्य समय से लगभग 5 दिन पहले या बाद में ही पहुंचा है। हालांकि वर्ष 2021 एक अपवाद रहा, जब मानसून ने 13 जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी।ऐसा दूसरी बार था जब दिल्ली में मानसून इतनी देरी से आया था। बता दें, दिल्ली-एनसीआर में मानसून आने में सबसे ज्यादा देर साल 1987 में दर्ज हुई थी, जो एक एल नीनो वर्ष था। उस समय मानसून 26 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर पहुँचा था, यानी लगभग एक महीने की देरी से। पिछले वर्ष 2024 में मानसून 28 जून को दिल्ली पहुंचा था, जबकि 2025 में इसका आगमन 29 जून को दर्ज किया गया था। वहीं 2024 में मानसून ने 29 जून तक देश के सभी हिस्सों को कवर कर लिया था, जो निर्धारित तिथि 8 जुलाई से करीब एक सप्ताह पहले था।

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मानसून की रफ्तार थमी, दिल्ली पहुंचने में लगेगा और समय

इस मौसम में मानसून के 27 जून या उससे पहले दिल्ली पहुंचने की संभावना बहुत कम नजर आ रही है। मानसून का पश्चिमी सिरा फिलहाल कोंकण क्षेत्र में अटका हुआ है और आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं है। वहीं बंगाल की खाड़ी शाखा से चलने वाला पूर्वी सिरा भी पिछले पांच दिनों से बिहार के मुजफ्फरपुर के आसपास स्थिर बना हुआ है। अगले लगभग पांच दिनों तक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद भी मानसून की प्रगति धीमी और सुस्त रहने के संकेत हैं। ऐसे में दिल्ली में मानसून का आगमन निर्धारित तिथि 27 जून से आगे खिसक सकता है,जिससे दिल्लीवासियों को कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।

देरी के बावजूद जारी रहेगी प्री-मानसून गतिविधियाँ

मानसून की देरी के बावजूद दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियाँ इस सप्ताह जारी रहेंगी। बीच-बीच में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी, हालांकि इनकी अवधि कम और तीव्रता हल्की रहेगी। इन गतिविधियों के कारण तापमान नियंत्रण में रहेगा और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक पहुंचने की संभावना नहीं है। बीते दिन 16 जून की सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पालम में 9 मिमी और सफदरजंग में 3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि नजफगढ़ मौसम केंद्र में सबसे अधिक 24 मिमी बारिश हुई। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 6 डिग्री कम और जून का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। अगले 3 से 4 दिनों के दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रविवार तक अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य आगमन तिथि 27 जून मानी जाती है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 27 जून तक मानसून के दिल्ली पहुंचने की संभावना कम है।

हल्की बारिश, गरज-चमक और प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है