उत्तर भारत में प्री-मानसून गर्मी से राहत, जानें कब तक रहेगा सुहावना मौसम
मुख्य मौसम बिंदु
- मार्च की शुरुआत में तेज गर्मी, अब मौसम सुहावना
- पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और तापमान में गिरावट
- 25 और 28 मार्च को नए सिस्टम सक्रिय होंगे
- तेज गर्मी की वापसी अप्रैल के मध्य तक टली
उत्तर भारत में महीने की शुरुआत में जो प्री-मानसून गर्मी जल्दी आ गई थी, वह अब कमजोर पड़ गई है। मार्च का दूसरा पखवाड़ा अब सामान्य ट्रांजिशन पीरियड की तरह चल रहा है, जिसमें सर्दी से गर्मी की ओर बदलाव होता है और मौसम सुहावना बना रहता है। पहाड़ों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी इलाकों में बने सिस्टम के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। यह स्थिति अप्रैल के मध्य तक या उससे भी आगे जारी रह सकती है।
शुरुआत में पड़ी तेज गर्मी, अब आया बदलाव
फरवरी की तरह मार्च की शुरुआत भी काफी सूखी रही और ठंड जल्दी खत्म हो गई, जिससे गर्मी का अहसास जल्दी होने लगा। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में तापमान 33-34°C तक पहुंच गया, जबकि अंबाला और करनाल में भी यही स्थिति रही। राजस्थान के गंगानगर और चूरू में तापमान 38-39°C तक पहुंच गया। लेकिन अब मौसम पूरी तरह बदल गया है। दिन का तापमान 30°C के आसपास आ गया है और रात का तापमान भी गिरकर सर्दी जैसा अहसास दे रहा है। हाल ही में लुधियाना का न्यूनतम तापमान 11.2°C दर्ज हुआ, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा।
आगे भी जारी रहेगा ठंडा और सुहावना मौसम
पहाड़ों पर लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इसके उलट ठंडक बनी रह सकती है। 25 मार्च के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिसके बाद 28 मार्च को एक और सक्रिय सिस्टम पहुंचेगा। इन सिस्टम्स के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और तेज गर्मी की वापसी अब अप्रैल के दूसरे पखवाड़े तक टल सकती है।






