पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम बिगड़ा, अरुणाचल-असम और मेघालय में भारी बारिश की आशंका
मुख्य मौसम बिंदु
- देश में बारिश की गतिविधि में बढ़ोतरी
- पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश, मध्य भारत में कमी
- 25-26 मार्च को हल्का ब्रेक संभव
- 28-31 मार्च के बीच तेज बारिश और तूफान का खतरा
पिछले करीब 10 दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। पहले जहां ज्यादातर इलाकों में कम बारिश हो रही थी, अब उसमें अच्छी सुधार देखने को मिला है। इस महीने अब तक कुल बारिश सामान्य से अधिक हो चुकी है। हालांकि बारिश का वितरण अभी भी असमान है, क्योंकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में ज्यादा बारिश हुई है, जबकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे मध्य भारत के हिस्सों में अभी भी कमी बनी हुई है। खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत में, अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर, लगातार भारी बारिश दर्ज की गई है।
मार्च के अंत तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम की स्थिति अभी भी ऐसी बनी हुई है कि मार्च के बाकी दिनों में ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है, हालांकि बीच में 1-2 दिन का हल्का ब्रेक मिल सकता है। 1 से 22 मार्च के बीच सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 361% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि असम और मेघालय में 200% अधिक बारिश हुई। अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम बारिश हुई, लेकिन वहां भी सामान्य से 12% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम सिस्टम और आगे का अलर्ट
पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी का साथ मिल रहा है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के अवशेष भी 2-3 दिन बाद पूर्वी भारत पहुंचेंगे, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। 25-26 मार्च को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन 28 से 31 मार्च के बीच अरुणाचल प्रदेश, निचला असम और मेघालय में फिर से तेज मौसम गतिविधियां होंगी। इस दौरान तेज आँधी, बिजली गिरने, भारी बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा रहेगा, इसलिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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