समय से पहले उत्तर पश्चिम भारत में सर्दी की विदाई शुरू, दिल्ली–एनसीआर में तापमान तेजी से बढ़ा
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में 26.7°C दर्ज, सर्दी का सबसे अधिक तापमान
- उत्तर पश्चिम भारत में सर्दियों की बारिश की कमी
- हवा की दिशा बदलने से दिन का तापमान बढ़ा
- आगे हल्की गिरावट संभव, पर ठंड की वापसी नहीं
उत्तर पश्चिम भारत में सर्दी अब साफ तौर पर कमजोर पड़ती दिख रही है। दिल्ली और एनसीआर समेत पूरे क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है। 9 फरवरी को दिल्ली का अधिकतम तापमान 26.7°C दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। आमतौर पर फरवरी के दूसरे हिस्से में दिन का तापमान ऊँचे बीस डिग्री के स्तर तक पहुँचता है, लेकिन इस बार यह गर्माहट सामान्य से पहले ही देखने को मिल रही है। यह संकेत है कि इस वर्ष सर्दी की विदाई समय से पहले शुरू हो गई है।
तापमान बढ़ने का मुख्य कारण
तापमान में इस जल्दी बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण उत्तर पश्चिम भारत और दिल्ली–एनसीआर में सर्दियों की बारिश का लगभग न होना है। मैदानी इलाकों पर पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा सक्रिय नहीं रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में मौसम सामान्य से ज्यादा शुष्क बना रहा। जब सर्दियों में बादल और बारिश नहीं होती, तो दिन के समय धूप सीधे जमीन को गर्म करती है और तापमान तेजी से ऊपर जाता है। यही वजह है कि इस बार ठंड का असर जल्दी कम होता दिख रहा है।
हवा की दिशा और गति में बदलाव से बढ़ी दिन की गर्मी
मौसम के मौजूदा सिनॉप्टिक सिस्टम भी तापमान के उतार-चढ़ाव को समझाते हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ के आने और उत्तरी मैदानी इलाकों पर बने प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण ने हवा के पैटर्न को बदला। 5 से 7 फरवरी के बीच बर्फ से ढके पहाड़ों की ओर से तेज और ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएँ इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में चल रही थीं, जिससे तापमान ज्यादा नहीं बढ़ पाया और हल्की सर्दी बनी रही। लेकिन 9 फरवरी को हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिमी से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हो गई, साथ ही हवा की गति भी काफी कम हो गई। इन परिस्थितियों ने सतह पर तेजी से गर्मी बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बना दिया।
तापमान में हल्की गिरावट संभव, सर्दी की वापसी नहीं
अगले 24 से 48 घंटों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहने का अनुमान है। इसके बाद फिर से उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाओं का प्रवाह शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। हालांकि यह गिरावट न तो बहुत ज्यादा होगी और न ही लंबे समय तक टिकेगी। व्यावहारिक तौर पर देखें तो उत्तर पश्चिम भारत में सर्दी का दौर अब समाप्ति की ओर है। बीच-बीच में मामूली ठंड लौट सकती है, लेकिन कड़ाके की सर्दी की वापसी की संभावना बहुत कम है। अब मौसम तेजी से बसंत जैसे हालात की ओर बढ़ रहा है और लोगों के लिए ऊनी कपड़े समेटने का समय आ गया है।
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