दिल्ली-एनसीआर में अगले 3 दिन झुलसाएगी लू और गर्मी, जानिए आँधी और प्री-मानसून बारिश का पूरा पूर्वानुमान
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में खराब मौसम के कारण कई उड़ानें डायवर्ट।
- अगले 2 दिन लू और भीषण गर्मी रहेगी।
- 10 जून को कुछ स्थानों पर आंधी और गरज-चमक।
- 12-13 जून को बारिश और आंधी की संभावना।
दिल्ली के कुछ हिस्सों में कल (7 जून) शाम तेज गरज-चमक और धूल भरी आँधी आई। खराब मौसम के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित कई उड़ानों को जयपुर, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे नजदीकी हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। वहीं, कई विमानों को हवा में चक्कर लगाकर इंतजार करना पड़ा (होल्डिंग पैटर्न) या फिर दोबारा लैंडिंग की कोशिश करनी पड़ी (गो-अराउंड), जिससे उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई। तेज हवाओं के कारण असुरक्षित ग्राउंड उपकरण हिल गए, जिससे एप्रन में खड़े कुछ विमानों को नुकसान पहुंचा।
41.6 डिग्री पहुंचा तापमान, कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश
आँधी आने से पहले दिल्ली में गर्मी अपने चरम पर थी। कल 7 जून को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जून महीने में अब तक का सबसे अधिक तापमान रहा। हालांकि शाम के समय कुछ इलाकों में तेज़ बौछारें भी देखने को मिलीं। पालम मौसम केंद्र में 3.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग और लोधी रोड में बारिश नहीं हुई। यानी बारिश का असर पूरे शहर में समान रूप से नहीं देखा गया और यह केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित रही।
अगले दो दिन गर्म और शुष्क रहेंगे, 10 जून को फिर बदल सकता है मौसम
पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है और मैदानी इलाकों पर बना उसका प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण (induced cyclonic circulation) भी कमजोर पड़ गया है। वहीं पूर्व-पश्चिम ट्रफ दिल्ली के उत्तर की ओर खिसक गई है, जिससे निचले स्तर की हवाओं की दिशा बदलकर गर्म पश्चिमी हो गई है। इसके कारण दिल्ली-एनसीआर में आज और कल मौसम लगभग शुष्क रहेगा। वहीं,तापमान भी बढ़ने की संभावना है। सोमवार से बुधवार के बीच अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू होगी। 10 जून को कुछ स्थानों पर धूलभरी आँधी और गरज-चमक का एक छोटा दौर देखने को मिल सकता है।
11 से 14 जून के बीच बढ़ेंगी प्री-मानसून गतिविधियाँ
11 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचेगा। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण विकसित होगा और पूर्व-पश्चिम ट्रफ भी सक्रिय हो जाएगी, जो दिल्ली के करीब बनी रहेगी। इसके चलते 11 से 14 जून के बीच गरज-चमक, धूलभरी आँधी और बारिश बढ़ेगी। सबसे ज्यादा असर 12 और 13 जून को देखने को मिल सकता है। वीकेंड यानी शुक्रवार से रविवार(12-14 मई) के बीच प्री-मानसून बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से भी नीचे पहुंच सकता है। हालांकि 14 जून के बाद मौसम में कुछ सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। कुछ इलाकों में छिटपुट गरज-चमक की घटनाएं जारी रह सकती हैं। वहीं 8 से 10 जून के बीच दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तेज़, शुष्क और गर्म हवाओं के साथ लू चलने की संभावना है।







